माओवादियों से संपर्क रखने के आरोप में अपने घरों में नजरबंद एक्टिविस्टों का नक्सल संगठन से संपर्क साबित करने के लिए महाराष्ट्र पुलिस ने शुक्रवार को मीडिया में कुछ पत्र सार्वजनिक किए। पुलिस ने कहा कि इन पत्रों से जाहिर होता है कि ये एक्टिविस्ट माओवादियों के साथ संपर्क में थे और कानूनी रूप से चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश में जुटे थे।
महाराष्ट्र पुलिस के एडीजी परमबीर सिंह ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इन लोगों के माओवादियों से संबंध होने को लेकर वे पूरी तरह आश्वस्त हैं और इस सिलसिले में विभिन्न शहरों में उनकी कार्रवाई प्रक्रियाओं के तहत की गई।
पुलिस के अनुसार, एक पत्र में ‘राजीव गांधी जैसी’ घटना का जिक्र है। पत्रों में इसका भी जिक्र है कि हमलों को अंजाम देने के लिए कश्मीरी अलगाववादियों तक से हाथ मिलाया जा रहा है। जब्त कागजात इसका खुलासा भी करते हैं कि किस प्रकार माओवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए फंड जुटाए जा रहे थे।