प्रवीण दुबे
ग्वालियर /दिवाली के बाद आई पहली सुबह ग्वालियर और उसके आसपास का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगभग 160 के आसपास दर्ज हुआ है, जो “अनहेल्दी / Unhealthy” अर्थात स्वास्थ्य की दृष्टि से नुकसानदेह श्रेणी में आता है। प्रदूषण नियंत्रण विशेषज्ञों के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक में अचानक हुई बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह ज्यादा धुएं युक्त और उच्च ध्वनि वाली आतिशबाजी का अधिक इस्तेमाल हो सकता है।
देश भर में हवा की शुद्धता में सेंध लग गई है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर आर्थिक राजधानी मुंबई तक हवा खराब हुई है.

दिल्ली का AQI लगातार ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बना हुआ है. ताजा डेटा के मुताबिक, दिल्ली का AQI 354 दर्ज किया गया है. मंगलवार की सुबह दिल्ली का एक्यूआई 500 क्रॉस कर गया था. दिल्ली में 35 में से 32 AQI मीटरों ने 300 का आंकड़ा पार कर लिया है. दिवाली के बाद बवाना 427 AQI के साथ सबसे प्रदूषित क्षेत्र रहा. कोलकाता और हावड़ा की वायु गुणवत्ता भी काली पूजा की रात तेजी से खराब हुई। प प्रदूषण विशेषज्ञों के मुताबिक हवा में मुख्य समस्या पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5, PM10) का ऊँचा स्तर है, जो मौसम व वायु-रुकावट (जैसे धूल, निर्माण कार्य, कम हवा का प्रवाह) के कारण हो सकता है। जानकारी के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का यह स्तर आने वाले एक सप्ताह तक इसी स्थिति में बना रह सकता है।
उधर सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के 35 में से 32 AQI मीटरों ने 300 का आंकड़ा पार कर लिया है. बवाना 427 के साथ दिल्ली का सबसे प्रदूषित इलाका रहा. जहांगीरपुरी (407), वज़ीरपुर (408), बवाना (427), और बुराड़ी (402) ‘गंभीर’ (401 से ऊपर) श्रेणी में आ गए हैं. आनंद विहार में AQI 360 रहा. 301 से 400 के बीच का AQI ‘बहुत खराब’ माना जाता है.
पर्यावरण एक्सपर्ट्स ने बताया कि काली पूजा की रात निर्धारित घंटों के बाद भी पटाखे फोड़े जाने के कारण कोलकाता और हावड़ा की वायु गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आई. WBPCB के एक अधिकारी ने कहा कि रात 10 बजे हावड़ा के बेलूर में AQI 364 तक पहुंच गया, जबकि कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल में यह 186 PM 2.5 पर पहुंच गया.
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मनाई गई दिवाली पर दिल्ली-एनसीआर में रात 8 बजे से 10 बजे के बीच हरित पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति दी थी. हालांकि, कई लोगों ने अदालत के निर्देशों का उल्लंघन किया और देर रात तक जश्न जारी रहा.
देश के अन्य इलाकों में भी बुरे हालात…
दिल्ली के अलावा कई अन्य प्रमुख भारतीय शहरों में वायु गुणवत्ता कम खतरनाक श्रेणी में रही. मुंबई (214), पटना (224), जयपुर (231) और लखनऊ (222) को ‘खराब’ श्रेणी में रखा गया, जबकि बेंगलुरु (94) ‘संतोषजनक’ और हैदराबाद (107), चेन्नई (153) का एक्यूआई ‘मध्यम’ श्रेणी में रहा.
दिवाली के बाद प्रदूषण में बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए, सिर्फ ‘हरित आतिशबाजी’ की अनुमति दिए जाने के बावजूद हुई, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण 2 को पहले ही लागू कर दिया था.
लगातार खराब या ‘बहुत खराब’ श्रेणी के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) होने पर यह एहतियात बरतने की सलाह
आज और अगले 1-2 दिनों में बहुत बाहर व्यायाम/शारीरिक गतिविधि करने से बचें।
यदि संभव हो, तो सुबह बहुत ताज़ी हवा में बाहर निकलने से बचें।
घर के अंदर रहने पर खिड़कियाँ अगर खोलें तो उनका निरीक्षण करें कि बाहर हवा बहुत धूल-कणयुक्त तो नहीं।
मास्क पहनना विशेषकर यदि सांस या फेफड़े संबंधी कोई समस्या है तो।