ग्वालियर 28 सितम्बर 2026/ सीएम हैल्पलाइन में दर्ज प्रकरणों के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सभी अपर कलेक्टर अपने – अपने संबंधित विभागों की समीक्षा कर 100 दिन से अधिक लंबित सीएम हैल्पलाइन के प्रकरणों का निराकरण 7 दिवस में सुनिश्चित करें। प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई भी प्रस्तावित की जाए। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में सीएम हैल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए हैं।
प्रति सोमवार को आयोजित होने वाली अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित हुई बैठक में सेवा-संकल्प अभियान, सेवा सेतु अभियान के साथ-साथ शासन की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सोजान सिंह रावत, एडीएम श्री सी बी प्रसाद, अपर कलेक्टर श्री अनिल बनवारिया, अपर आयुक्त नगर निगम श्री मुनीष सिकरवार सहित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने सीएम हैल्पलाइन की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया है कि 100 दिन से अधिक लंबित प्रकरणों का अभियान चलाकर निराकरण करें। साथ ही जो नए प्रकरण दर्ज हैं उनका निराकरण भी संतुष्टिपूर्वक समय-सीमा में किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि सीएम हैल्पलाइन के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने यह भी निर्देश दिए हैं कि अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरण, पेंशन प्रकरण और छात्रवृत्ति वितरण के संबंध में जो भी लंबित आवेदन हैं उनका तत्परता से निराकरण सुनिश्चित किया जाए। विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन भी लक्ष्य अनुरूप हो यह सुनिश्चित किया जाए। ऋण योजनाओं के तहत प्रकरण तैयार कर विभागीय अधिकारी बैंकों को प्रेषित करें और उसकी स्वीकृति के लिये निरंतर लीड बैंक अधिकारी और संबंधित बैंक के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें।
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना, डॉ. भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना, बिरसामुण्डा स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक उद्यम योजना, मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक स्वरोजगार योजना के संबंध में भी विस्तार से समीक्षा की और विभागीय अधिकारियों को लक्ष्य अनुरूप प्रकरण स्वीकृत कराने के निर्देश दिए।
बैठक में अन्य विभागीय योजनाओं व कार्यक्रमों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।