गुरुवार को ईरान और इजराइल के बीच जंग सातवें दिन में पहुंच गई है। अब तक इजराइल के 24 लोग मारे गए हैं। वहीं, वॉशिंगटन स्थित एक ह्यूमन राइट्स ग्रुप ने दावा किया है कि ईरान में मौत का आंकड़ा अब 639 हो चुका है और 1329 लोग घायल हुए हैं।
ईरान ने इसराइल के दक्षिणी हिस्से में स्थित बेर्शेबा शहर के सोरोका अस्पताल और आसपास की रिहायशी आबादी को निशाना बनाया है.
हालांकि ईरान का दावा है कि उसका निशाना अस्पताल के पास स्थित इसराइली सेना के दो मुख्य ठिकाने थे.
इसराइली आपात सेवा मैगन डेविड एडोम (एमडीए) के मुताबिक़, हमले में अब तक कम से कम 89 लोग घायल हुए हैं.
स्थानीय मीडिया और न्यूज़ एजेंसियों के मुताबिक़, हमले के बाद इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता को “अब बचने नहीं दिया जाना चाहिए
तेल अवीव के पास होलोन में पत्रकारों से बात करते हुए कात्ज़ ने कहा, “ख़ामेनेई खुलेआम कहते हैं कि वह इसराइल को तबाह करना चाहते हैं और वही ख़ुद अस्पतालों पर हमला करने का आदेश देते हैं. वह इसराइल के विनाश को एक लक्ष्य के तौर पर देखते हैं… ऐसे आदमी को अब और बचने नहीं देना चाहिए.”
उधर ईरानी मिसाइल हमले में बेर्शेबा स्थित सोरोका अस्पताल को बड़ा नुक़सान हुआ है
शलोमी कोदेश का कहना है, “अस्पताल में हर तरफ़ भारी नुकसान हुआ है. इमारतें, ढांचे, खिड़कियां, छतें- पूरा मेडिकल सेंटर प्रभावित हुआ है.”
उन्होंने बताया कि हमले से पहले सर्जिकल इमारत से मरीज़ों को हटा लिया गया था. उन्होंने कहा, “ये इमारत पुरानी है, इसलिए हमने इसे पिछले कुछ दिनों में ही खाली करवा लिया था.”
लेकिन कोदेश के मुताबिक़, अस्पताल के दूसरे विभाग जहाँ अब भी मरीज़ मौजूद थे, वो भी हमले से प्रभावित हुए हैं.
उन्होंने कहा, ”हमारे पास 40 घायल लोग हैं. ये वे लोग हैं, जो हमले के वक़्त अस्पताल के अंदर मौजूद थे. इनमें ज़्यादातर कर्मचारी और मरीज़ टूटे हुए शीशों, गिरती हुई छतों से घायल हुए हैं.”
एरियल हार्पर, बेर्शेबा में तीसरे वर्ष की मेडिकल छात्रा हैं. उन्होंने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के प्रोग्राम न्यूज़डे को बताया कि ईरानी हमले के वक्त वह सोरोका अस्पताल के पास थीं.
उन्होंने कहा, “एक जबरदस्त धमाका हुआ और पूरी इमारत हिल गई. यह अब तक सुनी गई किसी भी आवाज़ से ज़्यादा तेज़ था.”
हार्पर ने यह भी कहा कि इसराइली सेना की होम फ्रंट कमांड ने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए हैं. उन्होंने अलर्ट भेजे और शेल्टर्स की जानकारी साझा की.
ईरान के मिसाइल हमले के बाद इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने प्रतिक्रिया दी है.
एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा, “आज सुबह, ईरान के आतंकी तानाशाहों ने बेर्शेबा के सोरोका अस्पताल और नागरिक आबादी पर मिसाइलें दागीं. हम ईरान के इन तानाशाहों से इसकी पूरी क़ीमत वसूल करेंगे.”
इसराइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग ने भी हमले की निंदा की.
उन्होंने कहा, “एक बच्चा आईसीयू में था. उसकी मां उसके पास बैठी थी. एक बुज़ुर्ग नर्सिंग होम में थे. यही लोग आज सुबह ईरान की मिसाइलों का निशाना बने.”
उन्होंने आगे कहा, “ऐसे समय में हमें याद आता है कि असल में दांव पर क्या है और हम किन मूल्यों की रक्षा कर रहे हैं.”
इसराइल की उप विदेश मंत्री शैरेन हास्केल ने हमले को ‘जानबूझकर किया गया’ और ‘आपराधिक’ बताया.
उन्होंने एक्स पर लिखा कि जिस जगह पर हमला हुआ, वह कोई सैन्य अड्डा नहीं, बल्कि एक अस्पताल है, जो इस क्षेत्र का मुख्य चिकित्सा केंद्र है.
हास्केल ने अस्पताल के अंदर हुए नुक़सान को दिखाने वाला एक वीडियो भी साझा किया और कहा, “दुनिया को इस पर अपनी आवाज़ उठानी चाहिए.”