ग्वालियर / दुनिया भर में कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर खींची चिंता की लकीरों के बीच कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में मीडिया प्रतिनिधिगणों से चर्चा की। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि कोरोना की तीसरी लहर की आहट सुनाई दे रही है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोरोना की रोकथाम के उद्देश्य से धारा-144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि संभावित खतरे के मद्देनजर सभी का पूर्ण टीकाकरण जरूरी है। इस काम में मीडिया की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। मीडिया प्रतिनिधिगण शेष लोगों को टीका लगवाने के लिये बेहतर ढंग से प्रेरित कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिले में लगभग ढ़ाई लाख लोगों के द्वितीय डोज के टीके लगवाने की बारी आ गई है। कोरोना की तीसरी संभावित लहर को रोकने के लिये इन सभी को टीके लगना नितांत जरूरी है। कलेक्टर ने बताया कि जिले के सभी अस्पतालों में एहतियात बतौर कोरोना मरीजों के इलाज के लिये पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। नर्सिंग कॉलेजों में 2110 ऑक्सीजन युक्त बैड तैयार हो चुके हैं। यह व्यवस्थाएं न करने वाले 42 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता रद्द की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोरोना की रोकथाम के उद्देश्य से धारा-144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए गए हैं। मास्क न लगाने वाले लोगों के खिलाफ चालान व उन्हें खुली जेल भेजने की कार्रवाई की जायेगी इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री किशोर कान्याल, जेएएच समूह के अधीक्षक डॉ. आर के एस धाकड़, अपर कलेक्टर श्री इच्छित गढ़पाले और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा मौजूद थे।
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। अनावश्यक रूप से जमा पानी की निकासी, फॉगिंग और घर-घर संपर्क कर लोगों को अपनी टंकियां इत्यादि साफ करने के लिये प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही अस्पतालों में डेंगू के इलाज के पुख्ता प्रबंध कराए गए हैं। इसके फलस्वरूप अब डेंगू का प्रसार नियंत्रण में आ गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि नवम्बर माह के पहले हफ्ते में 230, दूसरे हफ्ते में 295, तीसरे हफ्ते में 247 व चौथे हफ्ते में 168 मरीज सामने आए थे। इसके बाद 27 नवम्बर से एक दिसम्बर तक 59 डेंगू मरीज मिले हैं। इससे जाहिर होता है कि डेंगू अब नियंत्रण में है। प्रतिदिन रिपोर्ट होने वाले डेंगू मरीजों की संख्या अब इकाई में आ गई है।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह एवं नगर निगम आयुक्त श्री किशोर कान्याल ने जानकारी दी कि ग्वालियर शहर को स्वच्छता में नम्बर वन शहर बनाने के लिये दो तरफा रणनीति बनाई गई है, जिसके तहत सफाई सिस्टम को मजबूत किया जाएगा। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में लगे सभी वाहनों पर जीपीएस लगाकर मॉनीटरिंग की जायेगी, जिससे हर घर तक कचरा गाड़ी पहुँचे। दूसरी ओर स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने के लिये समर्पित भाव से काम करने वाले समाज के लोगों को इस अभियान से जोड़ा जायेगा। इसके लिये विज्ञापन देकर विधिवत साक्षात्कार लिए जायेंगे। स्वच्छता को केन्द्र में रखकर अंतरवार्ड क्रिकेट, फुटबॉल व कबड्डी प्रतियोगितायें आयोजित की जायेंगीं। साथ ही प्रभात फेरी इत्यादि का आयोजन भी होगा। कचरा संग्रहण के लिये वाहनों की संख्या 185 से बढ़ाकर 300 की जायेगी। साथ ही 10 प्रतिशत रिजर्व वाहन भी रखे जायेंगे।
कलेक्टर श्री सिंह ने यह भी जानकारी दी कि ऊर्जा बचत में ग्वालियर को प्रदेश का रोल मॉडल बनाया जायेगा। जिले में एक साल के भीतर ऊर्जा खपत में 20 प्रतिशत की कमी लाने के के प्रयास होंगे। प्रथम चरण में सरकारी व प्राइवेट दफ्तरों, विभिन्न सेवाओं के डिलेवरी प्वॉइंट, लोक सेवा केन्द्र इत्यादि में ऊर्जा बचत को बढ़ावा दिया जायेगा। प्रथम चरण में 20 सरकारी कार्यालयों में एनर्जी ऑडिट कराई जाएगी। जिसके जरिए ऊर्जा की खपत में कमी लाने के लिये प्रभावी उपाय किए जायेंगे। औद्योगिक व व्यवसायिक इकाईयों में भी ऊर्जा की बचत के लिये जन जागरण किया जाएगा। रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने को भी बढ़ावा दिया जाएगा। पहले सरकारी कार्यालयों की छतों पर यह संयंत्र लगवाए जायेंगे।
शहर की स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिये उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी कलेक्टर ने इस अवसर पर दी। उन्होंने कहा कि शहर के सभी 66 वार्डों में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं से युक्त संजीवनी क्लीनिक खोले जायेंगे। नगर के 6 वार्डों में संजीवनी क्लीनिक शुरू हो चुके हैं।