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कोरोना की दूसरी लहर से निपटने मुख्यमंत्री शिवराज कुछ देर बाद ले सकते हैं कुछ कड़े निर्णय

भोपाल /MP में आज ही के दिन कोरोना का पहला मरीज जबलपुर में मिला था। इसके ठीक एक साल बाद कोरोना की दूसरी लहर आ गई है। प्रदेश में कोरोना आउट ऑफ कंट्रोल होता जा रहा है। केंद्र सरकार ने चेतावनी दी है कि MP के इंदौर, भोपाल सहित 10 जिलों में स्थिति गंभीर है। पिछले चार माह से कोरोना की रफ्तार धीमी होती जा रही थी। लेकिन मार्च में संक्रमण बढ़ता जा रहा है। चिंताजनक बात यह है कि संक्रमण की दर 10 दिन में दो गुना हो गई है।

CM शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को देर शाम काेरोना की समीक्षा बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री कलेक्टरों के अलावा सभी जिलों के सीएमएचओ से भी बात करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना लगतार बढ़ता जा रहा है। बैठक में बड़े और सख्त फैसले लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की वजह से प्रदेश की स्थिति बिगड़ी है।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में प्रदेश में 917 नए केस मिले हैं। इसमें सबसे ज्यादा इंदौर में 294 मरीज मिले, जबकि भोपाल में यह आंकड़ा 184 है। इससे पहले प्रदेश में 27 दिसंबर 2020 को 946 मरीज मिले थे। चिंता की बात यह है कि एक्टिव केसों की संख्या 6 हजार के पार हो गई है। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री बैठक के दौरान अस्पतालों में तैयारियों को लेकर भी बात करेंगे

प्रदेश में कारोना की बढ़ रही रफ्तार से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। ऐसे में 1 अप्रैल से 8वीं तक के स्कूल खोलने को लेकर संशय है। इसे लेकर गुरुवार देर शाम मंत्रालय में होने वाली समीक्षा बैठक में फैसला होगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है, बैठक में प्राइमरी और मिडिल स्कूल 1 अप्रैल से खोलने के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाएगा। हालांकि उन्होंने पूर्व में लिए गए निर्णय को वापस लेने (रोलबैक) के संकेत दे दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार सुबह कहा, कि संक्रमण से बचने के लिए सरकार कुछ और सख्त कदम उठा सकती है। इंदौर और भोपाल के अलावा प्रदेश के 9 अन्य जिलों में हालात बिगड़ रहे हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्राइमरी व मिडिल स्कूल फिलहाल बंद रखने का फैसला बैठक में लिया जा सकता है।

बता दें, मध्यप्रदेश में 1 अप्रैल से पहली से आठवीं तक के स्कूल फिर से खुलने की तैयारी स्कूल शिक्षा विभाग ने कर ली थी। यही वजह है कि नए शिक्षण सत्र के लिए सभी स्कूलों में दाखिला शुरू हो गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा था कि ज्यादा दिन तक बच्चों को घर में बैठाकर रख नहीं सकते।

परमार ने इंदौर और भोपाल में बढ़ रहे कोरोना केस के चलते स्कूल खोलने का फैसला क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी पर छोड़ने की बात कही थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि अगर कोरोना कंट्रोल नहीं हुआ, तो हम फिर आगे निर्णय लेंगे। बता दें कि मध्य प्रदेश में 8वीं तक के स्कूल को बंद किए लगभग एक साल पूरा हो गया है।

9वीं से 12वीं तक के स्कूलों का समय 2 घंटे बढ़ाया था
राज्य शासन ने 9वीं से 12वीं तक के स्कूलों का समय 2 घंटे बढ़ा दिया है। इस संबंध में लोक शिक्षण आयुक्त जयश्री कियावत ने पिछले सप्ताह आदेश जारी किए थे। आदेश में कहा था कि कोरोना संक्रमण के कारण 6 माह तक स्कूलों में नियमित कक्षाएं संचालित नहीं हो सकी हैं। जिससे स्टूडेंट़्स की पढ़ाई प्रभावित हुई है। अब परीक्षाओं का समय भी निकट है। इसे ध्यान में रखते हुए हाई स्कूल और हायर सेकंडरी स्कूलों का समय सुबह 9 से शाम 5 बजे किया गया था।

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