Homeदेशक्रिकेट के बाद अब गौपालन में भी धोनी ने रचा इतिहास

क्रिकेट के बाद अब गौपालन में भी धोनी ने रचा इतिहास

क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी ने क्रिकेट के बाद गाय पालन के क्षेत्र में भी अपनी कामयाबी के झंडे गाड़ दिए हैं। उन्‍हें पूर्वी भारत में पशुपालन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और योगदान के लिए सर्वश्रेष्ठ गोपालक का खिताब मिला है। शनिवार को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में चल रहे पूर्व क्षेत्र प्रादेशिक एग्रोटेक किसान मेला में उन्हें सम्मानस्वरूप स्मृति चिन्ह व शॉल दिया गया, जिसे उनके प्रतिनिधि कुणाल गौरव ने स्वीकार किया।

धौनी की दो गाएं मेला में आयोजित पशु-पक्षी प्रदर्शनी में शामिल की गईं। इनमें एक क्रॉस ब्रीड व दूसरी गाय साहिवाल प्रजाति की थी। क्रॉस ब्रीड गाय के साथ बाछी भी थी। ये गाएं प्रतिदिन लगभग 35 लीटर दूध देती हैं। छह सदस्यीय निर्णायक मंडली ने विजेताओं का चयन किया। बीएयू के डीन वेटनरी डॉ सुशील प्रसाद ने बताया कि चयन प्रक्रिया में गाय की शारीरिक संरचना, दूध की क्षमता आदि की परख की गई। पशु-पक्षी प्रदर्शनी का उदघाटन विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने किया।

उन्होंने कहा कि कृषि और पशुधन का हमारे जीवन में व्यापक महत्व है। भारतीय समाज की संपन्नता इसमें निहित है। उन्होंने किसानों को उपज का उचित मूल्य व बाजार मुहैया कराने की जरूरत बताई। साथ ही, विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक को किसान हितों के अनुसंधान व प्रसार गतिविधियों पर केंद्रित करने का आग्रह किया।

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