शनिवार को जिला प्रशासन की एंटी माफिया मुहिम में मेला प्राधिकरण की एक हेक्टेयर जमीन से अतिक्रमण हटाया गया है। मेला के कुसुमाकर रंगमंच के पास कुछ लोगों ने बाउंड्री वॉल तोड़कर मकान बना लिए थे। जब प्रशासन का अमला कार्रवाई के लिए पहुंचा तो लोगों ने हंगामा करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस फोर्स ने तत्काल स्थिति को संभाला। कब्जा करने वालों को वहां से खदेड़ दिया। इसके बाद 30 मिनट में JCB से अतिक्रमण हटा दिया। मुक्त कराई गई जमीन की कीमत 2 करोड़ रुपए बताई गई है।
SDM लश्कर अनिल बनवारिया ने बताया कि कुछ दिन पहले मेला प्राधिकरण की ओर से कलेक्टर ग्वालियर को पत्र लिखकर शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि मेला मैदान में कुसुमाकर रंगमंच के आगे गैस गोदाम बस्ती स्थित आसमानी माता के मंदिर के पास मेला प्राधिकरण के आधिपत्य वाली जमीन सर्वे क्रमांक 1857-1858 व 1885 है। इस जमीन पर आसपास रहने वाले 6 से 7 लोगों ने कब्जा कर कच्चे और पक्के मकान बना लिए हैं। कई सालों से यह कब्जा चला आ रहा है। धीरे-धीरे यह लोग मेला की जमीन पर कब्जा बढ़ाते चले जा रहे हैं। इन्होंने मेला प्राधिकरण की जमीन पर रातों रात कब्जा किया था। शिकायत मिलने के बाद शनिवार को एंटी माफिया मुहिम के नोडल अधिकारी आशीष तिवारी के निर्देश पर जिला प्रशासन, राजस्व का अमला मौके पर जा पहुंचा। मौके पर हंगामा होने की आशंका थी इसलिए पहले से ही काफी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद था। जैसे ही जिला प्रशासन की टीम कब्जा हटाने पहुंची तो वहां मौजूद लोगों ने हंगामा करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस फोर्स ने पहले ही मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में ले लिया। इसके बाद JCB को मेला मैदान में चलाकर सिर्फ 30 मिनट में कब्जा हटा दिया। मुक्त कराई गई जमीन की कीमत लगभग 2 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
मेला की जमीन पर इनका था कब्जा
मेला प्राधिकरण की इस जमीन पर मुन्ना इंदौरिया, पीयूष सोलंकी, दिनेश मौर्य व अन्य तीन लोगों ने अवैध रुप से कब्जा कर रखा था। यह काफी समय से यहां कब्जा कर बैठे थे। इनकी तैयारी जिला प्रशासन के अमले पर हमला करने की भी थी, लेकिन पुलिस बल देखकर उनके तेवर ठंडे पड़ गए। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में अमले ने कब्जा हटाया है।