चम्बल नदी खतरे के निशान को पार कर लेने से मुरैना में हड़कंप मच गया है जहां बाढ़ का खतरा है उन गांवों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित जगह पर ले जाया जा रहा है ।
उधर भिंड-चंबल नदी में भी बाढ़ के हालात बन गए हैं. बरही घाट पर चंबल नदी खतरे के निशान से आधा मीटर नीचे बह रही है. 122 मीटर पर खतरे का निशान है. 121.5 मीटर पर अभी जलस्तर है. कुछ घण्टे में इसे पार कर 126 मीटर तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. अटेर इलाके के आधा दर्जन ग्रामों, देवालय, मुकुटपुरा, खेरिया, वृंदावन, मघेरा आदि गांव में पानी भरना शुरू हो गया है. प्रशासन अलर्ट पर है.।उधर मुरैना जिले की चंबल नदी उफान पर है लगातार जल स्तर बढ़ने से निकटवर्ती गांवों के खेतों में पानी भर गया है। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।
चंबल नदी उफान पर है। इसके निकटवर्ती गांवों पर संकट आ गया है। चंबल के पास के गांवों में पानी भरने लगा है। गांव के लोग अपना सामान लेकर पलायन करने को मजबूर हैं।
खेतों में भरा पानी निकल नहीं पा रहे लोग
कुछ गांव तो ऐसे हैं जिनमें खेतों में पानी भर गया है जिससे लोग गांव के बाहर निकल नहीं पा रहे हैं। लोग अपने सिर पर सामान रखकर निकल रहे हैं। किसानों के साथ-साथ मवेशी की बड़ी समस्या सामने आ रही है। गांव वाले अपने जानवरों को भी अपने साथ ले जा रहे हैं।पोरसा क्षेत्र के एक गांव के खेत में भरा पानी
इन गांवों में भरने लगा पानी
जानकारी के मुताबिक अम्बाह तहसील के अर्न्तगत आने वाले बीरपुर, बीलपुर, घेर, कुथियाना, रामप्रकाश का पुरा के गांवों में पानी भर रहा है। इसी प्रकार पोरसा तहसील के रतन बसई गांव के अर्न्तगत आने वाले रामगढ़, सुरद, ध्यान का पुरा, इन्द्रजीत का पुरा, चुरसलई, विचपुर में पानी भरने लगा है। लुघावली गांव के अर्न्तगत आने वाले मलहन का पुरा, वासुदेव का पुरा, तथा रायपुर गांव के अधीन आने वाले दिवास सिंह का पुरा, बिहार का पुरा में भी पानी भरने लगा है।