एससी/एसटी एक्ट में किए गए संशोधन के खिलाफ देश भर में विरोध के मद्देनजर कल गुरुवार को भारत बंद तथा सवर्ण समाज में व्याप्त जोरदार गुस्सा को देखकर केंद्र सहित देश के अधिकांश राज्यों में सत्तासीन भाजपा नेतृत्व को परेशानी में डाल दिया है। यह परेशानी कितनी गम्भीर है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली में संगठन से जुड़े शीर्ष नेता रामलाल अमित शाह ने तमाम वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान खोजने की कोशिश की।
इसी के चलते दिल्ली में अमित शाह ने अनारक्षित वर्ग के मंत्रियों को बुलाकर बातचीत की। अमित शाह चाहते हैं कि बीच का रास्ता निकले। अनारक्षित जातियों की नाराजगी दूर हो जाए और एससी/एसटी भी संतुष्ट रहें। जातिगत आधार पर आरक्षण से नाराज सामान्य वर्ग एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के बाद भड़क उठा है। सरकार के खिलाफ अनारक्षित जातियों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने जो बैठक बुलाई उसमें मोदी सरकार के शीर्ष मंत्रियों में शामिल अरुण जेटली, निर्मला सीतारमण, प्रकाश जवाड़ेकर, जेपी नड्डा, रविशंकर प्रसाद, पीयूष गोयल और स्मृति ईरानी ने हिस्सा लिया। इसके अलावा बीजेपी सांसद भूपेंद्र यादव, और मीनाक्षी लेखी भी बैठक में शामिल हुईं।
सूत्रों के हवाले से खबर है कि बैठक में बीजेपी नेताओं से अनारक्षित जातियों की नाराजगी को लेकर चर्चा की गई। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाली सरकार चाहती है कि अनारक्षित जातियों की नाराजगी को किस तरह से दूर किया जाए जिससे यह तबका भी पार्टी के साथ जुड़ा रहे। साथ ही एससी/एसटी के लोग भी नाराज ना हों। इसी मसले को लेकर अमित शाह ने एनडीए के घटक दलों के नेताओं के साथ भी बात की है।