रावल ने रजवाड़ों की तुलना बंदरों से करने पर बवाल मच गया। बाद में उन्होंने अपने विवादास्पद बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने राजपूतों को नहीं बल्कि बंदर की तरह उछल कर पाकिस्तान की गोद में बैठ जाने वाले हैदराबाद के निजाम को लक्ष्य कर ऐसा कहा था।
उन्होने कहा कि इसके बावजूद अगर उनके बयान से राजपूत समाज की भावना को जरा भी ठेस पहुंची है तो उन्हें इसके लिए खेद है और माफी मांगते हैं।
परेश रावल ने शनिवार रात यहां भाजपा के चुनाव कार्यालय के उद्घाटन के दौरान अपने संबोधन में कहा था कि सरदार पटेल ने देश को एक करने के लिए बंदर जैसे रजवाड़ों को एक कर दिया था।
इसके तत्काल बाद पद्मावती फिल्म के व्यापक विरोध के चलते चर्चा में आई राजपूत करणी सेना ने उनका पुतला जलाने के कार्यक्रम की घोषणा कर दी पर रावल ने तुरंत संवाददाता सम्मेलन बुला कर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने हैदराबाद के निजाम को लक्ष्य कर यह बात कही थी। राजपूत देश के गौरव है और उनके बारे में वह ऐसा बयान दे ही नहीं सकते।