ग्वालियर 24 अगस्त 2026/ कांग्रेस ने कहा है ग्वालियर के रजिस्ट्रार कार्यालय में सामने आया कथित फर्जी रजिस्ट्री का मामला प्रदेश की मोहन यादव सरकार के भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही का एक और गंभीर उदाहरण है, लगभग 39 महीने पहले दिवंगत हो चुकी महिला पुष्पा गुप्दर्शाकर उप रजिस्ट्रार के.एन. वर्मा द्वारा रजिस्ट्री की गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकारी कार्यालयों में नियम-कानून को किस प्रकार ताक पर रखकर भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया जा रहा है। इस मामले में यह भी सामने आया है कि संबंधित अधिकारी के विरुद्ध पहले भी कई प्रकरण दर्ज होने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इससे यह संदेह और गहरा हो जाता है कि कहीं भ्रष्टाचार को प्रशासनिक संरक्षण तो नहीं मिल रहा।
इस अत्यंत गंभीर मामले के संज्ञान में आते ही शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुरेन्द्र यादव ने मप्र के मुख्यमंत्री मोहन यादव को ईमेल पत्र के माध्यम से मांग कर इसमें दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने एवं रजिस्ट्रार ऑफिस में चल रहे भ्रष्टाचार को रोकने एवं कार्यवाही न होने की दशा में ग्वालियर रजिस्ट्री ऑफिस घेरने की चेतावनी दी है।
शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि यदि मृत व्यक्ति को भी सरकारी रिकॉर्ड में जीवित बताकर संपत्तियों की रजिस्ट्री कराई जा सकती है, तो यह केवल एक अधिकारी की गलती नहीं बल्कि पूरे तंत्र की विफलता और भ्रष्टाचार का प्रमाण है। यह मामला केवल एक फर्जी रजिस्ट्री तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक ईमानदारी पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। हमें पूरा संदेह है कि ऐसे न जाने कितने घोटाले अब तक हो चुके होंगे, जिनका अभी खुलासा भी नहीं हुआ है। यह तो केवल एक मामला सामने आया है। भाजपा की मोहन यादव सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात तो करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रही है।’’ यदि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तो यह सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े करता है।
मप्र भाजपा सरकार को चाहिए कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, कथित रूप से दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर उनके विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई की जाए। इस तरह की सभी संदिग्ध रजिस्ट्रियों की जांच कराई जाए ताकि अन्य संभावित घोटाले भी सामने आ सकें।
यदि इस मामले में शीघ्र कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो शहर जिला कांग्रेस कमेटी रजिस्ट्रार कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन करेगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की होगी।