पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की कीमतों में हो रही बेतहाशा मूल्य वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस ने आज दोपहर 3 बजे तक भारत बंद का आह्वान किया था। बिहार को छोड़ देश के लगभग सभी भागों में बंद के दौरान शांति रही , मध्यप्रदेश सहित पूरे भारत में बंद का मिला जुला असर दिखाई दिया। मध्यप्रदेश के शिवपुरी सहित कई अन्य स्थानों पर बन्द कराने पहुंचे कांग्रेसियों को एससी एसटी एक्ट विरोधियों का सामना करना पड़ा।
ग्वालियर में बंद का मिला जुला असर देखने को मिला। यहाँ कहीं बाजार खुले रहे तो कहीं बंद रहे । सड़कों पर सवारी वाहन भी चले और पेट्रोल पंप भी खुले रहे। उधर पुलिस ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे इंतजाम किये हुए थे।
ग्वालियर शहर जिला कांग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारी हाथों में पार्टी का झंडा और मूल्य विरोधी पोस्टर लिए सुबह से ही सड़कों पर निकल पड़े। हालाँकि सुबह के समय चाय नाश्ते सहित कई छोटे व्यापारियों की दुकाने खुली हुई थी। कांग्रेसियों ने निवेदन कर दुकानें बंद कराई लेकिन उनके जाते ही दुकानदारों ने फिर शटर खोल लिया। बड़े संस्थान और शोरूम संचालकों ने अपने संस्थान नहीं खोले। इसे उनका समर्थन या डर कुछ भी माना जा सकता है।
कांग्रेस नेता बड़ी संख्या में सड़कों पर निकले इस दौरान वे दो पहिया, तीन पहिया और चार पहिया वाहनों में झुण्ड बनाकर चले और उन्होंने खुलकर शहर में लगी धारा 144 का उल्लंघन किया। खास बात ये रही कि सड़कों पर तैनात पुलिस ये सब मूक दर्शक बनी देखती रही। कुछ कार्यकर्ता विरोध जताने के लिए घोड़ा गाड़ी(रेडे) पर बैठकर निकले और बाजार बंद करने का निवेदन लोगों से किया। उधर महिला नेत्रियाँ भी सड़कों पर उतरीं उन्होंने जो दुकान खुली दिखाई दी उसे बंद कराया और आगे बढ़ गईं।
भारत बंद को देखते हुए पुलिस ने 1000 से ज्यादा महिला और पुरुष पुलिस कर्मी तैनात किये थे इसके अलावा पेट्रोलिंग पार्टी और फिक्स पिकेट से भी प्रदर्शनकारियों पर नजर रखी गई। इस बार प्रशासन ने स्कूल, कॉलेज में अवकाश घोषित नहीं किया था। सवारी वाहन भी सड़कों पर दौड़ रहे थे और चेंबर ने भी बंद से खुद को अलग कर रखा था। कुल मिलाकर ग्वालियर में भारत बंद का मिला जुला असर रहा। कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
शिवपुरी में काग्रेसियों का विरोध
इस बीच शिवपुरी में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी कांग्रेस विधायक महेंद्र यादव को लोगों का विरोध का सामना करना पड़ा| एसटी एससी एक्ट को लेकर आक्रोशित सवर्णों ने बंद को लेकर समर्थन मांगने आये विधायक को काले झंडे दिखाए और मुर्दाबाद के नारे भी लगाए| इससे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया को उनके ही गढ़ में विरोध झेलना पड़ा था|
दरअसल, पेट्रोल मूल्यवृद्धि के खिलाफ भारत बंद के लिए कांग्रेस विधायक महेंद्र यादव दुकानें बंद कराने बाजार में आए थे। सवर्णों ने कहा कि यदि कांग्रेस हमारा साथ नहीं दे सकती तो हमसे सहयोग क्यों माँगा जा रहा है| कोलारस क्षेत्र में क्षेत्रीय विधायक महेन्द्र यादव नगर पंचायत अध्यक्ष रविन्द्र शिवहरे के साथ बाजार बंद कराने थे, लेकिन बाजार में व्यापारी एवं आमनागरिक ने उनका विरोध कर दिया और काले झण्डे लेकर दिखाए| इतना ही नहीं लोगों ने बंद कराने का विरोध करते हुए कांग्रेसी नेताओं को मुर्दाबाद के नारे भी लगाए|