लोकसभा चुनाव की हाईप्रोफाइल सीटों में से एक मध्यप्रदेश की भोपाल लोकसभा के मीडिया मैनेजमेंट को लेकर भाजपा के भीतर बेचैनी देखी जा रही है। भले ही कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजयसिंह चुनाव प्रचार के मामले में पिछड़ते दिख रहे हैं लेकिन मीडिया मैनेजमेंट में वो भाजपा से आगे दिखाई दे रहे हैं। इसके पीछे दिग्गीराजा की नई नवेली पत्रकार पत्नी अमृता राय का बड़ा प्रभाव मूल कारण बताया जा रहा है। भाजपा की समस्या यह है कि प्रदेश कार्यालय दीनदयाल परिसर में सर्वसुविधायुक्त मीडिया सेंटर के साथ एक मीडिया प्रमुख की तैनाती और तमाम पेड स्टाफ के बावजूद भाजपा इस हाईप्रोफाइल सीट पर मीडिया मैनेजमेंट में पिटती दिख रही है।
इसको लेकर अब भाजपा के प्रदेश मुख्यालय का माहौल भी तनावपूर्ण नजर आ रहा है। पार्टी से जुड़े सूत्रों के माध्यम से दीनदयाल परिसर से जो खबरें बाहर आ रही हैं उनके मुताबिक मीडिया संचालन को लेकर स्थिति तनावपूर्ण हो गई है और बात पूर्व मुख्यमंत्री से लेकर प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे तक जा पहुंची है।
सम्पूर्ण घटनाक्रम की शुरआत उस वक्त हुई जब प्रदेश मीडिया देखने वाले एक प्रदेशस्तरीय नेता जो कि खुद पत्रकार बैकग्राउंड वाले हैं उनकी कार्यशैली से नाराज होकर राजधानी के कई पत्रकारों ने मध्यप्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेतृत्व से शिकायत की। इसको लेकर राजधानी के ही एक पत्रकार द्वारा वायरल पत्र भी सबके सामनेआया।
इस पत्र में घुमा फिराकर आर्थिक हेराफेरी की ओर भी इशारा किया गया। इस घटनाक्रम के साथ ही भोपाल से चुनाव लड़ रही प्रज्ञा ठाकुर और उनके कुछ खास समर्थकों ने भी मीडिया मेनेजमेंट में कमी की शिकायत पूर्व मुख्यमंत्री व अन्य पार्टी नेताओं से की।
माहौल बिगड़ते देख पार्टी नेतृत्व ने तुरत फुरत निर्णय लेते हुए भोपाल लोकसभा के मीडिया की जिम्मेदारी पूर्व मीडिया प्रभारी हितेश वाजपेयी को दे दी। उधर मीडिया को लेकर मिल रही शिकायतों को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने गम्भीरता से लेत हुए प्रदेश मीडिया प्रभारी से पूछताछ की। सूत्रों का कहना है कि इस चर्चा में मीडिया प्रभारी ने बड़ी चतुराई से यह कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की कि अब तो यह काम हितेश वाजपेयी सम्भाल रहे हैं ।