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मध्यप्रदेश में चुनाव से पूर्व भाजपा का समर्थन किये बिना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शुरू किया बड़ा जागरुकता अभियान

मध्यप्रदेश के तमाम जिलों में  सभी विधानसभा क्षेत्रों के हर परिवार तक संघ के कार्यकर्ता पहुंचना शुरू हो गए हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस जनजागरण अभियान में जो जागरूकता पत्रक वितरित किया जा रहा है। उस पत्रक में कहीं भी भाजपा का उल्लेख नहीं किया गया है। न ही भाजपा को वोट देने या उसे जिताने की कोई   बात कही गई है।इतना ही नहीं इसमें  केंद्र और न ही राज्य सरकार की किसी भी योजना की कोई जानकारी का गुणगान भी नहीं है।
नवंबर में चार राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव और उसके बाद मई में प्रस्तावित लोकसभा चुनाव के मद्देनजर देशभक्त राष्ट्रवादी संगठन आरएसएस ने राष्ट्र विघातक शक्तियों के षड्यंत्रों के प्रति मतदाताओं को जागृत करने जनजागरण अभियान का शंखनाद कर दिया है।
मध्यप्रदेश के तमाम जिलों में  सभी विधानसभा क्षेत्रों के हर परिवार तक संघ के कार्यकर्ता पहुंचना शुरू हो गए हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस जनजागरण अभियान में जो जागरूकता पत्रक वितरित किया जा रहा है। उस पत्रक में कहीं भी भाजपा का उल्लेख नहीं किया गया है। न ही भाजपा को वोट देने या उसे जिताने की कोई   बात कही गई है।इतना ही नहीं इसमें  केंद्र और न ही राज्य सरकार की किसी भी योजना की कोई जानकारी का गुणगान भी नहीं है।
पत्रक में प्रमुखतः उन बातों की ओर इशारा किया गया है जो इस देश को कमजोर कर रही हैं। पत्रक की शुरुआत में ही JNU सहित देश के तमाम स्थानों पर कन्हैया कुमार , व पाक समर्थकों जैसे लोगों द्वारा लगाए जाने वाले नारे  ” भारत तेरे टुकड़े होंगे “? को इंगित करते हुए जिहादी
पत्थरबाज, आरक्षण बढ़ाओ, आरक्षण हटाओ,रोहिंग्या मुसलमान, बंगलादेशी घुसपैठिए , चीन जैसी भारत विरोधी शक्तियों के प्रति सचेत किया है।
इसमें कहा गया है कि इन भारत विरोधी शक्तियों को ज्ञात हो गया है कि भारत जो सीधे युद्ध में परास्त कर पाना असम्भव है   यही कारण हैं यह ताकतें भारत को तोडने बॉटने या टुकड़े करने का काम कर रही हैं।
इस जनजागरण अभियान में पिछले दिनों कुछ कथित साहित्यकारों,पत्रकारों, कलाकारों आदि द्वारा पदक लौटानें जैसे कारनामें अंजाम देकर देश को बदनाम करने के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।
जातिवादी आंदोलन का भी कर रहे हैं  जिक्र
जातिवादी आंदोलन कैसे राष्ट्र को नुकसान पहुंचा रहा है इसका जिक्र करते हुए कहा गया है कि शहरी नक्सलियों, नक्सलवादियों,और राजनीतिक पार्टियों के षड्यंत्रों के कारण पूरे देश में जातीय वैमनस्यता चरम पर है। विविध राज्यों में आरक्षण के नाम पर सुनियोजित दंगे कराए जाने के प्रति भी कार्यकर्ता जागरूक रहने की अपील कर रहे हैं।
सोशल मीडिया के प्रति भी सावधान रहने की सलाह
इस अभियान के माध्यम से बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया का उपयोग कर कुछ लोग सवर्ण के नाम से दलितों को और दलित के नाम से सवर्णों को अपशब्द कहकर वातावरण को विषाक्त करने में लगे हैं।
नोटा के प्रति भी किया जा रहा है सचेत
नोटा पर मतदान न करने की बारे में जागरूकता पत्रक में चर्चा करते हुए लिखा गया है कि ऐसा करने से सबसे अयोग्य व्यक्ति भी चुना जा सकता है और आपका मत व्यर्थ हो सकता है।
देशहित में ये करने का किया आव्हान
 -समाज को तोड़ने के किसी भी षड्यंत्र का हिस्सा न बनें
मतदान अवश्य करें
 -जाति पंथ के आधार पर मतदान न करें अपितु राष्ट्रीय विषयों को ध्यान में रखकर करें मतदान
जागरूकता पत्रक में प्रसिद्ध राष्ट्रवादी कवि दिनकरजी की कविता जी पंक्तियों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है  ।
समर शेष है ,नहीं पाप का भाग केवल व्याघ्र।
जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध ।।
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