Homeप्रमुख खबरेंमध्यप्रदेश में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी के संकेत कईआईएएस, आईपीएस निशाने पर

मध्यप्रदेश में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी के संकेत कईआईएएस, आईपीएस निशाने पर

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है| भोपाल दौरे पर आये मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत के साथ हुई अफसरों की बैठक में यह बात सामने आने के बाद कि मध्यप्रदेश में तमाम बड़े नोकरशाहों के कामकाज से चुनाव आयोग सन्तुष्ट नहीं है  प्रदेश में जल्द ही एक बार फिर प्रशासनिक  सर्जरी की सम्भावना बढ़ गई है। इससे उच्च नोकरशाहों में हड़कंप मच गया है।  इसमें एक दर्जन के करीब आईएएस और आईपीएस का तबादला हो सकता है, चुनावी तैयारियों को लेकर इन अफसरों के कामकाज से चुनाव आयोग संतुष्ट नहीं है| जिनके तबादले किये जाने हैं उसमे वो अफसर भी बताये जा रहे हैं जो नेताओं के रिश्तेदार हैं उन्हें भी हटाया जा सकता है, कई अफसरों को लेकर राजनीतिक दलों ने आपत्ति जताई है| सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग कुछ अफसरों के कामकाज से नाराज है| चुनावी तैयारियों को लेकर इन्होने व्यापक काम नहीं किया है| इसके चलते दो संभागायुक्त और आधा दर्जन जिलों के कलेक्टर के हटाए जा सकते हैं| वहीं तीन जिलों के पुलिस अधीक्षक, तीन पुलिस जॉन के आईजी भी बदले जा सकते हैं| आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने चुनाव कार्य में लगे अफसरों पर सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। खासकर जिला निर्वाचन अधिकारियों के चुनाव संबंधी कार्यों की निगरानी के लिए एक प्रदेश स्तरीय विशेष सेल तैयार की गई है, जो किसी भी चुनाव अधिकारियों के खिलाफ आने वाली शिकायत एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों के चुनाव संबंधी कार्यों की निगरानी करेगी। मुख्य चुनाव आयुक्त आयोग ओपी रावत मैदानी अफसरों से चर्चा के दौरान कड़े निर्देश दे चुके हैं। आयोग ने निष्पक्ष चुनाव कराने को लेकर अपनी मंशा साफ जाहिर कर दी है। मतदाता सूची का निष्पक्ष कार्य समय सीमा के भीतर सावधानी पूर्वक करने को लेकर आयोग का ज्यादा ध्यान है। इसके लिए मुख्य चुनाव आयोग कलेक्टरों को इस पर फोकस करने के निर्देश दे चुके हैं। सितंबर के बाद यदि मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी सामने आती है तो उसके लिए सीधे तौर पर कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। खास बात यह है कि चुनाव के दौरान अफसरों से जुड़ी शिकायतों के परीक्षण के लिए आयोग ने अफसरों की टीम बैठा दी है। जो सीधे आयोग को रिपोर्ट करेगी। नप सकते हैं नरसिंहपुर कलेक्टर! बुुजुर्ग को जेल भिजवाकर विवादों के घिरे नरसिंहपुर कलेक्टर अभय वर्मा को सरकार हटाने पर विचार कर रही है। स्थानीय स्तर पर कलेक्टर को हटाने की मांग एवं बुजुर्ग मामले में मानव अधिकार आयोग द्वारा विशेष जांच टीम गठित करने के बाद शासन ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। खबर है कि मुख्यमंत्री भी इस घटना से नाराज हैं। वहीं नरसिंहपुर जिले में ओरछा मंदिर की परंपरा से खिलवाड़ को लेकर उपजा विवाद अभी थमा नहीं है, लोगों में कलेक्टर को लेकर आक्रोश है, कई स्थानीय भाजपा संगठन तक इसको लेकर शिकायत कर चुके हैं| वहीं कुछ युवाओं ने मुख्यमंत्री को कलेक्टर को हटाने पत्र भी लिखा था, इसमें यह भी कह गया था शांतिपूर्ण चुनाव के लिए कलेक्टर को हटाया जाए| संभवतः टीकमगढ़ कलेक्टर पर गाज गिर सकती है|

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