अंतराष्ट्रीय साहित्य सम्मेलन में मश्हूर सिने निर्देशक एवं संगीतकार, विशाल भारद्वाज द्वारा किया गया India’s Heritage of Gharana Music: Pandits of Gwalior का विमोचन
संगीत में ग्वालियर घराने का इतिहास गौरवशाली रहा है।यूँ तो ग्वालियर भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख़ केंद्र भी है लेकिन शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में भी ग्वालियर का स्थान पूरे देश में प्रमुखता से शुमार है । यहां राजा मानसिंह तोमर से लेकर सिंधिया राजवंश तक का जुड़ाव संगीत से रहा । तानसेन, हस्सू -हददू खां, निसार हुसैन खान, रेहमत खान, पंडित कृष्ण राव शंकर पंडित अमजद अली जैसे विश्व विख्यात संगीत कलासाधकों की गौरवशाली परम्परा को वर्तमान में पंडित परिवार की प्रख्यात युवा गायिका मीता पंडित पूरी दुनिया में आगे बढ़ा रहीं है ।
हाल ही में मीता पंडित ने इस क्षेत्र में अपनी एक और प्रतिभा से पूरे देश को अवगत कराया उन्होंने साहित्य सम्मेलन में आये दुनियाभर के साहित्यकारों के बीच स्वलिखित पुस्तक ‘India’s Heritage of Gharana Music: Pandits of Gwalior’ का प्रस्तुतिकरण किया तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा।
जयपुर साहित्य सम्मेलन के मंच से इस पुस्तक का विमोचन मश्हूर सिने निर्देशक एवं संगीतकार, विशाल भारद्वाज द्वारा किया गया India’s Heritage of Gharana Music: Pandits of Gwalior में मीता पंडित ने ग्वालियर घराने की शास्त्रीय संगीत कला के इतिहास को बहुत सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया है । इस पुस्तक में ग्वालियर का सांगीतिक इतिहास, तोमर एवं scindia का राज्याश्रय , ध्रुपद से खयाल का सफ़र, ग्वालियर ख्याल गायकी की विशेषतायें, पंडित परिवार के सभी दिग्गज कलाकारों का जीवन, सांगीतिक योगदान, बंदिशें पर मीता ने तथ्यपरक दुर्लभ जानकारी प्रस्तुत की है।
संगीत में गुरु शिष्य परम्परा के उच्च आदर्शों को पुस्तक में मीता पंडित ने सुंदर ढंग से प्रस्तुत किए हैं। ग्वालियर घराने केे दुर्लभ चित्रों का समावेश इस पुस्तक को और संग्रहणीय बनाता है।मीीता
दुनियाभर में मीता पंडित ने बनाई पहचान
जयपुर साहित्य सम्मेलन में भले ही indiaas heritage of ghrana music pandit of gwalior नामक पुस्तक के कारण मीता पंडित चर्चा में हैं लेकिन उनकी असली पहचान तो उनकी सुरीली आवाज से है। मीता पण्डित की उतार चढ़ाव भरी ख्याल गायकी के पूरी दुनिया में लाखों लोग दीवाने हैं। वर्तमान में वे ग्वालियर घराने की उत्कृष्ट संगीत कला की पूरी दुनियां में पहचान कही जा सकती हैं। उनकी इसी प्रतिभा के कारण उन्हें राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय स्तर के तमाम पुरुस्कारों से नवाजा जा चुका है।