नई दिल्ली 5 दिसंबर 2025/ भारत यात्रा के दूसरे दिन प्रेस ब्रीफिंग में रुसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि भारत-रूस संबंध भरोसे और सम्मान पर टिके हैं और दोनों देश 2030 तक 100 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य प्राप्त करेंगे. उन्होंने यूक्रेन मुद्दे पर शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन किया और कहा कि इस प्रक्रिया में अमेरिका भी शामिल है. पुतिन ने पीएम मोदी के आतिथ्य की सराहना करते हुए कहा, ‘आपके घर का भोजन बहुत अच्छा था.’ रूस ने न्यूक्लियर ऊर्जा, प्राकृतिक गैस, शिपिंग, रक्षा आधुनिकीकरण और मेक इन इंडिया परियोजनाओं में सहयोग जारी रखने की पुष्टि की. दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत-रूस साझेदारी एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को मजबूत करेगी.
इन समझौतों पर बनी सहमति
आज कुल छह बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर हुए- मैनपावर मोबिलिटी, स्वास्थ्य क्षेत्र के दो समझौते, शिपिंग के दो समझौते और फर्टिलाइज़र–केमिकल सेक्टर का एक करार. साथ ही एक विस्तृत साझा बयान भी अपनाया गया, जिसमें भविष्य की दिशा तय की गई है. पूरे दिन के कार्यक्रमों ने साफ कर दिया कि वैश्विक तनावों और पश्चिमी दबावों के बावजूद भारत–रूस साझेदारी नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है, और यह यात्रा आने वाले दशक की कूटनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगी.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत यात्रा के दौरान कहा कि पिछले पचास वर्षों से रूस भारतीय सेना को सशस्त्र करने और आधुनिक बनाने में निरंतर सहयोग करता आया है- चाहे वह एयर डिफेंस हो, एविएशन हो या नौसेना. उन्होंने बताया कि भारत के साथ हुई ताजा बातचीत के परिणामों से रूस पूरी तरह संतुष्ट है. पुतिन ने विश्वास जताया कि यह दौरा और यहां हुए समझौते दोनों देशों के रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेंगे तथा भारत और रूस की जनता के लिए नए लाभ लेकर आएंगे.
ब्रिक्स में भारत की अध्यक्षता का करेंगे समर्थन
ऊर्जा सहयोग पर उन्होंने कहा कि भारत को ऊर्जा आपूर्ति देना रूस की प्राथमिकता है और न्यूक्लियर पावर प्लांट में सहयोग जारी रहेगा, जो भारत की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगा. अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी, शिपिंग और व्यापार मार्गों पर भी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया. पुतिन ने कहा कि मेक इन इंडिया एक महत्वपूर्ण पहल है, और रूस इसके अंतर्गत उद्योग और टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने को तैयार है. राष्ट्रपति पुतिन ने बताया कि दोनों देशों के लोगों के बीच आवाजाही बढ़ रही है और पर्यटकों की संख्या में भी तेज़ी से वृद्धि देखी जा रही है.
वैश्विक मुद्दों पर पुतिन ने कहा कि भारत और रूस के विचार समेकित और पूरक हैं. दोनों देश एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था का समर्थन करते हैं, जहां हर देश को अपनी विकास राह चुनने और अपनी संप्रभुता की रक्षा करने का पूरा अधिकार हो. उन्होंने कहा कि रूस ब्रिक्स में भारत की अध्यक्षता का पूरा समर्थन करेगा और भारतीय सेना के आधुनिकीकरण में रूस की भूमिका आगे भी जारी रहेगी. अंत में पुतिन ने कहा कि आज हुए समझौते “दोनों देशों के लिए लाभकारी” होंगे और भारत-रूस संबंध आगे और गहरे होंगे.
इन समझौतों पर बनी सहमति
आज कुल छह बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर हुए- मैनपावर मोबिलिटी, स्वास्थ्य क्षेत्र के दो समझौते, शिपिंग के दो समझौते और फर्टिलाइज़र–केमिकल सेक्टर का एक करार. साथ ही एक विस्तृत साझा बयान भी अपनाया गया, जिसमें भविष्य की दिशा तय की गई है. पूरे दिन के कार्यक्रमों ने साफ कर दिया कि वैश्विक तनावों और पश्चिमी दबावों के बावजूद भारत–रूस साझेदारी नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है, और यह यात्रा आने वाले दशक की कूटनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगी.