ग्वालियर / कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजगी को दिग्विजय सिंह और मुख्यमंत्री कमलनाथ भले ही हल्के में ले रहे हैं लेकिन सूत्रों की माने तो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजी को गम्भीरता से लेते हुए उन्हें मध्यप्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने का रास्ता लगभग साफ कर दिया है। इसके लिए आज मुख्यमंत्री कमलनाथ को दिल्ली बुलाकर मध्यप्रदेश सरकार पर मंडरा रहे संकट को दूर करने यही रास्ता सुझाया गया है।
कमलनाथ व सोनिया राहुल की बैठक को लेकर जो बात निकलकर सामने आई है उसमें श्री सिंधिया का कद बढ़ता दिखाई दे रहा है। बैठक में कमलनाथ ने स्पष्ट किया की ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजगी के चलते उनके समर्थक विधायकों को नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है। इसके बाद पार्टी हाईकमान ने कमलनाथ सरकार पर मंडराते संकट को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका यही सुझाया है की ज्योतिरादित्य सिंधिया को मध्यप्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी जाए और मुख्यमंत्री कमलनाथ व वरिष्ठ पार्टी नेता दिग्विजयसिंह तीनों मिलकर भाजपा द्वारा की जा रही विधायकों की लामबंदी को न केवल नियंत्रित करें बल्कि उसका जवाब भी दें। हालांकि श्री सिंधिया को अध्यक्ष बनाये जाने के निर्णय सम्बन्धित खबर का कांग्रेस ने अधिकृत रूप से पुष्टि नहीं की है। यह भी पता नहीं चल सका है की मुख्यमंत्री कमलनाथ हाईकमान के इस निर्णय से कितने सहमत हैं। यह भी देखना दिलचस्प होगा की सिंधिया के कट्टर विरोधी दिग्गीराजा इस निर्णय के प्रति अपनी रजामंदी देते हैं या वे नाराज हो जाते हैं।