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देर रात तक चली माथापच्ची के बावजूद कमलनाथ सरकार ख़तरे में, सिंधिया बने सिरदर्द

देर रात्रि कमलनाथ ने कैबिनेट की बैठक में अपने 22 मंत्रियों के इस्तीफे ले लिये इसका कारण नए सिरे से मंत्रिमंडल का गठन बताया गया है हालांकि कैबिनेट की बैठक में सिंधिया समर्थक 6 विधायक अनुपस्थित थे। 

भोपाल/दिल्ली/दिनभर चली सियासी उठापटक के बावजूद मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार का सिरदर्द खत्म नहीं हो सका है। एकतरफ सिंधिया समर्थक तकरीबन 20 विधायक कमलनाथ से दूर बंगलुरू में डेरा डाले हैं और कांग्रेस उनसे संपर्क में नाकामयाब है तो दूसरी ओर ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजी  कम न होने से मध्यप्रदेश सरकार के भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लगा हुआ है। समाचार लिखे जाने तक कमलनाथ ने कैबिनेट की बैठक में अपने 22 मंत्रियों के इस्तीफे ले लिये हैं उधर कांग्रेस के भीतर भोपाल से दिल्ली तक सिंधिया को मनाने की कवायद जारी थी सूत्रों के अनुसार रात्रि को ही सोनिया गांधी ने सिंधिया से चर्चा करने उन्हें आमंत्रित किया है खबर है की मध्यप्रदेश सरकार को बचाने के लिए सोनिया गांधी अब ज्योतिरादित्य सिंधिया की कोई भी शर्त मानने तैयार हैं इसके तहत उन्हें मध्यप्रदेश अध्यक्ष पद की कमान भी दी जा सकती है लेकिन क्या सिंधिया अब इसे स्वीकार करेंगे इसपर संशय बना हुआ है। उधर सियासी हलचल के बीच मंगलवार को भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इसमें शिवराज सिंह चौहान को ही नेता चुने जाने की संभावना है। प्रदेश के प्रभारी महासचिव विनय सहस्त्रबुद्धे भी कल सुबह भोपाल जाएंगे। शिवराज सिंह चौहान और नरोत्तम मिश्रा एक साथ नरेन्द्र सिंह तोमर से मिलकर निकले। 

वहीं, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार को भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई है। मध्यप्रदेश में भावी मुख्यमंत्री के नाम पर कल शाम को मुहर लग सकती है। केंद्रीय चुनाव समिति और संसदीय बोर्ड की बैठक साथ साथ हो सकती हैं। उधर ताजा मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस के कुछ और मंत्री व विधायक बंगलूरू पहुंच गए हैं। ये सभी सिंधिया समर्थक बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यहां पहले से ही कई कांग्रेस विधायक मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि इन विधायकों के फोन भी स्विच ऑफ आ रहे हैं। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि भारतीय जनता पार्टी ने ज्योतिरादित्य को राज्यसभा के रास्ते संसद भेजने तथा केंद्रीय कैबिनेट में महत्वपूर्ण स्थान देने का प्रस्ताव रखा है।

ये विधायक बंगलूरू पहुंचे 

  • राजवर्धन सिंह
  • प्रद्युम्न सिंह तोमर
  • बंकिम सिलावट
  • गिरिराज
  • सुश्री रक्षा
  • जसवंत जाटव
  • सुरेश धाकड़
  • जजपाल सिंह
  • बृजेंद्र यादव
  • पुरषोत्तम पाराशर



राज्यसभा के लिए अभीतक नामांकन दाखिल नहीं हुआ 

वहीं, सियासी उठापटक के बीच मध्यप्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए अभी तक कोई नामांकन पत्र दाखिल नहीं हुआ है। राज्यसभा की तीन सीटों के द्विवार्षिक निर्वाचन के लिए 6 मार्च 2020 को अधिसूचना जारी की गई थी और नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तारीख 13 मार्च 2020 है। दिग्विजय सिंह, प्रभात झा और सत्यनारायण जटिया का कार्यकाल 9 अप्रैल 2020 को समाप्त हो रहा है। 

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