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श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भूमि पूजन सम्पन्न, कलश शोभा यात्रा 10 को

ग्वालियर /श्रीराम समिति द्वारा राजमाता विजयाराजे सिंधिया से प्रेरित माधौगंज थाना में आरक्षक के.एल.कुशवाह की अध्यक्षता में 35 वीं श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन 10 नवंबर से 16 नवंबर 2024 तक दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक टकसाल स्कूल, महिला होकर जोन के पीछे स्थित न्यू जवाहर कॉलोनी, कंपू, ग्वालियर में किया जाएगा। यह बात पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए श्रीराम आयोजन समिति के सदस्य शुभम चौधरी ने कही।

श्री चौधरी ने कहा आज श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान के लिए भूमि पूजन सम्पन्न हुआ है। कलश शोभा यात्रा 10 नवंबर को सुबह 11 बिजासेन माता मंदिर, किरार कॉलोनी, गुढ़ा-गुढ़ी के नाके से प्रारंभ होगी। जिसमें कथा व्यास पीठ से हमें कानपुर से आ रहे विद्वान आचार्य श्री रामश्याम तिवारी महाराज के मुखारविंद से ज्ञान प्राप्त होगा। श्रीमद् भागवत कथा में परीक्षत: विमला ब्रिज बिहारी वाजपेयी रहेंगे। हवन पूर्ण आहुति एवं भंडारा प्रसादी रविवार 17 नवंबर को रहेगी। श्री चौधरी ने सभी क्षेत्र एवं शहर वासियों से निवेदन करते हुए कहा श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का लाभ प्राप्त करें और अधिक से अधिक संख्या में स्वयं तो पधारे ही। अपने परिजन, पड़ोसी, मित्रजनों को कथा में लेकर आए। जिससे उनके मन मस्तिक में भी ज्ञान का प्रभा हो सके। और चारों तरफ धर्म की तूती बोले।

श्रीराम समिति के प्रमुख सदस्य के.एल.कुशवाह ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए बताया 1986 और 1987 में राजमाता विजयराजे सिंधिया द्वारा छत्री में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा को सुनते का मौका मिला। कथा से ज्ञान प्राप्ति हुई और मुझे प्रेरणा मिली कि यह ज्ञान जन-जन तक पहुंचना आवश्यक है। राजमाता तो अपना धर्म निभा रही है। हमें भी अपना धर्म निभाना चाहिए। ऐसा मान कर अगली साल 1988 में पुलिस विभाग में आरक्षक रहते हुए जन सहयोग से ईश्वरी कार्य श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ की शुरुआत की। जो आज तक निरंतर जारी है। मेरे साथ कुछ युवा जुड़े हैं जिन्हें देखकर लगता है यह ईश्वरी कार्य भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा। क्योंकि आज घर-घर में हर युवा में सनातन की अलख जगाने की आवश्यकता है। जिससे वह अपनी संस्कृति, परंपरा और सभ्यता पर गर्व करे। देश सहित विश्व में धर्मजागरण करते हुए भारत को विश्व गुरु बनाए।

इस अवसर पर श्रीराम आयोजन समिति के प्रमुख सदस्य के.एल. कुशवाह, परीक्षत: बिमला बृजबिहारी वाजपेयी, शुभम चौधरी, राधेश्याम कुलश्रेष्ठ, जितेंद्र राजावत, रजत सिंह पटवारी, रामप्रसाद राजपूत, सुदामा यादव, डॉ.घनश्यामदास गुप्ता, इंजी.अंकित कुलश्रेष्ठ, जगदीश भदौरिया, आनंद बिहारी वाजपेयी, भूपेंद्र भदौरिया, राकेश गुप्ता, सुधीर त्रिपाठी, राजेंद्र गुरेले, आर.एस.भदौरिया, राधेश्याम दीक्षित, प्रदीप त्रिपाठी, नितिन कुलश्रेष्ठ उपस्थित रहे।

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