नई दिल्ली: भारत और फ्रांस के बीच लड़ाकू विमान राफेल की डील को लेकर नई जानकारी सामने आई है. NDA की नरेंद्र मोदी सरकार ने जो डील की है वो UPA की समय में की गई डील से सस्ती है. रिपब्लिक टीवी के अनुसार तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान राफेल की डील 1705 करोड़ पर युनिट में हुई है. जबकि मोदी सरकार ने जो 36 राफेल डील की है वो 1646 करोड़ पर युनिट के हिसाब से हैं. ऐसे में मोदी सरकार की डील कांग्रेस सरकार की तुलना में 59 करोड़ रुपए सस्ते में की गई है.
बता दें कि शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव को लेकर हुई चर्चा के समय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए पूरी राफेल डील पर ही सवाल खड़े किए थे. संसद में राहुल गांधी ने दावा करते हुए कहा था मैं फ्रांस के राष्ट्रपति से खुद मिला था. उन्होंने ही मुझे बताया कि राफेल विमान डील को लेकर भारत और फ्रांस की सरकार के बीच गोपनियता का कोई समझौता नहीं हुआ है. 22 जुलाई को भी राहुल गांधी ने राफेल डील पर सवाल खड़े करते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया. राहुल गांधी ने कहा कि मैं दावे के साथ कह रहा हूं कि राफेल विमान को लेकर हुई डील में घोटाल हुआ है.
राफेल डील को लेकर संसद में राहुल गांधी के दावे के कुछ ही देर बाद फ्रांस की सरकार की ओर से सफाई जारी की गई. जिसमें फ्रांस ने कहा कि कि भारत के साथ साल 2008 में सिक्योरिटी एग्रीमेंट के तहत दोनों देश गुप्त सूचना को सार्वजनिक नहीं कर सकते हैं. हम कानूनी तौर पर इससे बंधे हुए हैं. डील के बारे में जानकारी सार्वजनिक करने पर सुरक्षा ऑपरेशन क्षमता पर असर पड़ सकता है. सिक्योरिटी एग्रीमेंट साल 2016 में किए 36 लड़ाकू विमान पर लागू होता है.
हालांकि फ्रांस सरकार की ओर से जारी इस बयान के बाद राहुल गांधी ने कहा था कि वहां राष्ट्रपति अपने बात से मुकर रहे हैं मुकर जाए, मैं अपनी बात पर कायम हूं. कांग्रेस पार्टी ये दावा करती आ रही है कि यूपीए की सरकार में एक राफेल विमान की कीमत 527 करोड़ रुपए थी. लेकिन मोदी सरकार ने साल 2016 में जो डील की है उसके तहत एक विमान की कीमत 1570 करोड़ रुपए है.