इस बार 3 मई मंगलवार को अक्षय तृतीया होगी। अक्षय तृतीया को सभी कार्यों विवाह, यज्ञोपवित, मुंडन, कर्ण छेदन, दुकान खोलना, कोई नया कार्य शुरू करना, ग्रह प्रवेश, प्रतियोगिता परीक्षा के लिए पढ़ाई प्रारंभ करने जैसे कार्य को शुरू कर सकते हैं। इस दिन प्रातः 6 बजे से 9 बजे तक 12 से 12.30 दोपहर तक विशेष मुहूर्त स्नान, दान का होगा। मंदिर आदि की प्रतिष्ठा का मुहूर्त भी 12 बजे होगा।
इस दिन का महत्व इसलिए है कि यह वर्ष का एक मात्र दिन होता है जब चंद्रमा और सूर्य दोनों ही अपनी उच्च राशि पर होते हैं और जब चंद्रमा बली हो सूर्य भी बली हो तो कार्य की सफलता की 100 प्रतिशत उम्मीद होती है। इस दिन दान के लिए सर्वोत्तम दिन माना जाता है, कहा जाता है इस दिन किया हुआ दान अक्षय फल प्रदान करता है। यानि वो कभी भी समाप्त नहीं होता है हर जन्म में उसका शुभ फल मिलता है । इस दिन गंगा में स्नान का फल नासिक कुंभ में स्नान के फल के तुल्य बताया गया है। स्नान के बाद सत्तू, छतरी, जूता, कपड़ा, रजत, फल, इनका दान बहुत शुभ कहा जाता है।