सोना 6 फीसदी धड़ाम – 3 महीने के सबसे निचले स्तर पर
सोमवार को सोने की कीमत में 6 फीसदी की बड़ी गिरावट आई और यह 4,214 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. यह पिछले साल 11 दिसंबर के बाद का सबसे निचला स्तर है. पिछले हफ्ते अकेले 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई. यह 1983 के बाद सोने का सबसे बुरा हफ्ता था. और सबसे चौंकाने वाली बात है कि सोना 29 जनवरी को 5,594 डॉलर के रिकॉर्ड ऊंचाई पर था. वहां से अब तक 20 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है.
सोना-चांदी का ‘गोल्डन टाइम’ खत्म
जंग के बीच आज गोल्ड-सिल्वर के रेट तेजी से गिर रहे हैं. MCX रेट्स में सोना 14,405 हजार रुपये गिरकर 129,858 के आसपास पहुंच गया है. वहीं चांदी की बात करें तो ये 24,307 गिरकर 202,428 के आसपास है.
बता दें कि MCX एक ऐसा बाजार है जहां सोना, चांदी, कच्चा तेल (crude oil), गैस, तांबा जैसी चीज़ों की ट्रेडिंग होती है.
क्यों गिर रहा है सोना?
मिडिल ईस्ट की जंग से महंगाई बढ़ने का डर है. महंगाई बढ़ी तो ब्याज दरें बढ़ेंगी. और जब ब्याज दरें बढ़ती हैं तो लोग सोने की बजाय बैंक में पैसा रखना पसंद करते हैं.
ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना (Dimona) शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आवाजाही ठप होने से तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई चेन बुरी तरह चरमरा गई है. दर्जनों मालवाहक जहाज और टैंकर अभी भी समुद्र के बीच फंसे हुए हैं, जिससे दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में उछाल आने का खतरा मंडरा रहा है. इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है कि वह 48 घंटों के भीतर ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का रास्ता साफ करे नहीं तो अमेरिकी सेना ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाना शुरू कर देगी