प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन दिया. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद पीएम मोदी ने पहली बार देश को संबोधित किया है. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने नए जम्मू कश्मीर और नए लद्दाख के निर्माण का वादा किया. साथ ही पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को भरोसा दिलाया कि धीरे-धीरे हालात सामान्य हो जाएंगे और उनकी परेशानी भी कम होती चली जाएगी.

दरअसल, मंगलवार को संसद ने जम्मू-कश्मीर से जुड़े संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत मिले विशेषाधिकार को हटा लिया. साथ ही जम्मू-कश्मीर राज्य को जम्मू कश्मीर और लद्दाख के रूप में दो केंद्र शासित प्रदेश में बांटने वाले बिल को भी मंजूरी दे दी. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी को देश को 7 अगस्त को संबोधित करना था. लेकिन पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन के बाद इसे स्थगित करना पड़ा.

ये बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

जम्मू-कश्मीर के साथियों को भरोसा देता हूं कि धीरे-धीरे हालात सामान्य हो जाएंगे और उनकी परेशानी भी कम होती चली जाएगी.

-अनुच्छेद 370 से मुक्ति एक सच्चाई है, लेकिन सच्चाई ये भी है कि इस समय ऐहतियात के तौर पर उठाए गए कदमों की वजह से जो परेशानी हो रही है, उसका मुकाबला भी वही लोग कर रहे हैं.

-लोकतंत्र में ये बहुत स्वाभाविक है कि कुछ लोग इस फैसले के पक्ष में हैं और कुछ को इस पर मतभेद है. लेकिन मेरा उनसे आग्रह है कि वो देशहित को सर्वोपरि रखते हुए व्यवहार करें और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख को नई दिशा देने में सरकार की मदद करें.

-लद्दाख के नौजवानों को अच्छी शिक्षा के लिए बेहतर संस्थान मिलेंगे. वहां के लोगों को अच्छे अस्पताल मिलेंगे. इंफ्रास्ट्रक्चर का और तेजी से आधुनिकीकरण होगा.

-सोलर पावर जनरेशन का भी लद्दाख बहुत बड़ा केंद्र बन सकता है.

-लद्दाख में स्पिरिचुअल टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और इको टूरिज्म का सबसे बड़ा केंद्र बनने की क्षमता है.

-केंद्र शासित प्रदेश बन जाने के बाद अब लद्दाख के लोगों का विकास भारत सरकार की विशेष जिम्मेदारी है. स्थानीय प्रतिनिधियों, लद्दाख और करगिल की डवलपमेंट काउंसिल्स के सहयोग से केंद्र सरकार विकास की तमाम योजनाओं का लाभ अब और तेजी से पहुंचाएगी.

-जम्मू-कश्मीर के केसर का रंग हो या कहवा का स्वाद, सेब का मीठापन हो या खुबानी का रसीलापन,  कश्मीरी शॉल हो या फिर कलाकृतियां, लद्दाख के ऑर्गैनिक प्रॉडक्ट्स हों या हर्बल मेडिसिन… इसका प्रसार दुनियाभर में किए जाने का जरूरत है.

-दशकों के परिवारवाद ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं को नेतृत्व का अवसर ही नहीं दिया. मैं नौजवानों, वहां की बहनों-बेटियों से आग्रह करूंगा कि अपने क्षेत्र के विकास की कमान खुद संभालिए.

-मुझे पूरा विश्वास है कि जम्मू-कश्मीर की जनता, गुड गवर्नेंस और पारदर्शिता के वातावरण में नए उत्साह के साथ अपने लक्ष्यों को हासिल करेगी.

-मुझे पूरा विश्वास है कि जम्मू-कश्मीर की जनता अलगाववाद को परास्त करके नई आशाओं के साथ आगे बढ़ेगी.

-मैं राज्य के गवर्नर से ये भी आग्रह करूंगा कि ब्लॉक डवलपमेंट काउंसिल का गठन, जो पिछले दो-तीन दशकों से लंबित है, उसे पूरा करने का काम भी जल्द से जल्द किया जाए.

-जम्मू कश्मीर में जैसे पंचायत के चुनाव पारदर्शिता के साथ हुए, वैसे ही विधानसभा के भी चुनाव होंगे.

-जम्मू कश्मीर में राजस्व घाटा बहुत ज्यादा है. केंद्र सरकार सुनिश्चित करेगी की इसके प्रभाव को कम किया जाए.

-लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बना रहेगा. हालात सुधरने के बाद जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य बनाया जाएगा.

-जम्मू-कश्मीर प्रशासन में एक नई कार्य संस्कृति लाने, पारदर्शिता लाने की कोशिश की है. इसी का नतीजा है कि IIT, IIM, एम्स, पावर प्रोजेक्ट्स या फिर एंटी करप्शन ब्यूरो इन सबके काम में तेजी आई है.

-केंद्र की पब्लिक सेक्टर यूनिट्स और प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों को भी रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

-जल्द ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में केंद्रीय और राज्य के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इससे स्थानीय नौजवानों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे.

-नई व्यवस्था में केंद्र सरकार की ये प्राथमिकता रहेगी कि राज्य के कर्मचारियों को, जम्मू-कश्मीर पुलिस को, दूसरे केंद्र शासित प्रदेश के कर्मचारियों और वहां की पुलिस के बराबर सुविधाएं मिलें.

-देश के अन्य राज्यों में दलितों पर अत्याचार रोकने के लिए सख्त कानून लागू है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में ऐसे कानून लागू नहीं होते थे.

-देश के अन्य राज्यों में सफाई कर्मचारियों के लिए सफाई कर्मचारी एक्ट लागू है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के सफाई कर्मचारी इससे वंचित थे.

-हमारे देश में कोई भी सरकार हो, वो संसद में कानून बनाकर देश की भलाई के लिए काम करती है.

-आर्टिकल 370 और 35ए इन दोनों अनुच्छेद का देश के खिलाफ कुछ लोगों की भावनाएं भड़काने के लिए पाकिस्तान की ओर से एक शस्त्र की तरह उपयोग किया जा रहा था.

-आर्टिकल 370 और 35ए ने जम्मू कश्मीर को अलगाववाद, आतंकवाद, परिवारवाद और व्यवस्थाओं में बड़े पैमाने में फैले भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया.

-समाज जीवन में कुछ बातें, समय के साथ इतनी घुल-मिल जाती हैं कि कई बार उन चीजों को स्थायी मान लिया जाता है. अनुच्छेद 370 के साथ भी ऐसा ही भाव था. उससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हमारे भाई-बहनों की जो हानि हो रही थी, उसकी चर्चा ही नहीं होती थी.

-जो सपना सरदार पटेल का था, बाबा साहेब अंबेडकर का था, डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का था, अटल जी और करोड़ों देशभक्तों का था, वो अब पूरा हुआ है. अब देश के सभी नागरिकों के हक और दायित्व समान हैं.

-एक राष्ट्र के तौर पर, एक परिवार के तौर पर, आपने, हमने, पूरे देश ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है. एक ऐसी व्यवस्था, जिसकी वजह से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हमारे भाई-बहन अनेक अधिकारों से वंचित थे, जो उनके विकास में बड़ी बाधा थी, वो हम सबके प्रयासों से अब दूर हो गई है.

-जम्मू कश्मीर के लोग तमाम अधिकारों से वंचित थे.

-जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोगों को बहुत-बहुत बधाई.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments