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मध्यप्रदेश में करोना का कहर सरकार बेखबर,24 घण्टे में 17 मोतें ग्वालियर में 3 को लील गया करोना

भोपाल। अगस्त के महीने में एक भी दिन ऐसा नहीं जबकि डिस्चार्ज मरीजों की संख्या पॉजिटिव नागरिकों से ज्यादा हो। हर रोज एक्टिव केस की संख्या बढ़ती जा रही है और इसी के साथ संक्रमित इलाकों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ग्वालियर की बात करें तो आज जारी कोरोना बुलेटिन केे  मुताबिक पिछले चौबीस घण्टों में जहां 3 लोगों की कोरोना से मौत की खबर है वहीं 155 नए संक्रमित सामने आने से सनसनी फैली हुई है।
उधर सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में 4677 कॉलोनी/ मोहल्ले/ बस्तियां कोरोनावायरस की चपेट में है और 12336 नागरिक अस्पतालों में भर्ती है। हालात यह है कि मध्य प्रदेश के कई जिलों में मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पताल में जगह नहीं बची।
संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, मध्य प्रदेश द्वारा जारी कोरोनावायरस मीडिया बुलेटिन दिनांक 26 अगस्त 2020 (शाम 6:00 बजे तक) के अनुसार पिछले 24 घंटे में:-
21462 सैंपल की जांच की गई।
119 सैंपल रिजेक्ट हो गए।
20398 सैंपल नेगेटिव पाए गए।
1064 सैंपल पॉजिटिव पाए गए।
17 मरीजों की मौत हो गई।
936 मरीज डिस्चार्ज किए गए।
मध्यप्रदेश में संक्रमित नागरिकों की कुल संख्या 56864
मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या 1282
मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस से स्वस्थ हुए नागरिकों की संख्या 43240
26 अगस्त 2020 को संक्रमित नागरिकों की संख्या 12300
26 अगस्त 2020 को मध्यप्रदेश में संक्रमित इलाकों की संख्या 4677

कोरोना के मामले में सरकार ने जनता को अस्पतालों के हवाले छोड़ा

मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस के संक्रमण के मामले में शिवराज सिंह सरकार ने आम जनता को अस्पतालों के हवाले छोड़ दिया है। कुछ दिनों पहले तक मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान हर रोज समीक्षा बैठक करते थे। यहां तक कि जब खुद पॉजिटिव थे तब भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक करते थे परंतु अब मंत्रालय में कोरोनावायरस को कंट्रोल करने के लिए कोई बैठक नहीं होती। आज मुख्यमंत्री ने भोपाल में एक जलशोधन संयंत्र का लोकार्पण किया, फिर कृषि उपज मंडी अधिनियम संशोधन विधेयक पर चर्चा की और कालाबाजारी को रोकने के लिए एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अब चुनावी बोर्ड मोड में है और प्राइवेट अस्पतालों ने मरीजों के साथ लूटपाट शुरू कर दी है। इंदौर में तो एक प्राइवेट अस्पताल मरीजों को हर रोज नई PPE किट बनाता है और उसके बदले 3000 रुपए वसूलता है।
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