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आज वैचारिक साम्रज्यवाद की लड़ाई में मामाजी जैसे व्यक्तित्वों की बेहद आवश्यकता : द्विवेदी

ग्वालियर /मूर्धन्य पत्रकार व राष्ट्रवादी चिंतक माणिकचंद वाजपेयी मामा जी के जीवन पर आधारित पाञ्चजन्य के विशेषांक का विमोचन आज ग्वालियर में किया गया।  इस अवसर पर मुख्यवक्ता के रूप  में उपस्थित भारतीय जनसंचार संस्थान के महानिदेशक वरिष्ठ पत्रकार संजय द्विवेदी ने मामा जी को याद करते हुए कहा की आज की पत्रकारिता में उनके जैसे व्यक्तित्व की बेहद आवश्यकता है।  मामा जी केवल भारतीय पत्रकारिता की ही महान विभूति नहीं थे बल्कि भारतीयता के भी आदर्श प्रतीक थे।आज जबकि वैचारिक साम्राज्यवाद की लड़ाई चल रही है। उस समय मामाजी जैसे वैचारिक व्यक्तित्वों की बेहद आवश्कता है। उन्होंने कहा की मामाजी के आदर्शों को जीवन में अपनाने की जरूरत है। वे केवल पत्रकारिता के ही नहीं हमारे जीवन मूल्यों का आदर्श व्यक्तित्व भी थे।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह यशवंत इंदपुरकर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा की मामाजी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उनके व्यक्तित्व पर कई आयामों पर लिखा जा सकता है। उन्होंने मामाजी के जीवन पर आधारित प्रथम विशेषांक की स्मृतियों को भी याद किया।

कार्यक्रम के आयोजक मामा माणिकचंद वाजपेयी सेवा न्यास के सचिव अतुल तारे और अध्यक्ष दीपक सचेती ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में कार्यक्रम संयोजक आकाश सक्सेना ने संजय द्विवेदी का स्वागत किया,  व्यक्तिगत गीत अमरीश भदौरिया ने प्रस्तुत किया कार्यक्रम का संचालन राजेश वाधवानी व आभार राजलखन ने व्यक्त ने किया। कार्यक्रम में पत्रकार लेखक चिंतक व समाजसेवी उपस्थित थे।

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