नेशनल हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, विश्वविद्यालय छात्र परिषद के चुनाव में एबीवीपी ने अपने कैंडिडेट उतारे थे. कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने इस चुनाव में इंडिपेंडेंट कैंडिडेट को समर्थन किया. बापसा और एलडीएसएफ जैसे दलित और वामपंथी छात्र संगठनों ने भी एबीवीपी के खिलाफ स्वतंत्र उम्मीदवारों का ही सपोर्ट किया था.
छात्रसंघ चुनाव में यूनिवर्सिटी के सबसे बड़े विभाग स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज में इंडिपेंडेंट कैंडिटेट दिलीप कुमार ने जीत हासिल की, वहीं स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में इंडिपेंडेंट कैंडिडेट अरविंद नामपूथिरी ने जीत का परचम लहराया. इसके अलावा कई अन्य इंडिपेंडेंट कैंडिडेट ने अपने-अपने विभाग में सफलता हासिल की.
आपको बता दें कि पिछले कुछ महीनों में देश के अलग-अलग विश्वविद्यालयों में हुए छात्र संघ के चुनावों में एबीवीपी को करारी हार मिली है. दिल्ली विश्वविद्यालय में हुए छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की सीट गवानी पड़ी थी. वही राजस्थान विश्विद्यालय के चुनाव में एबीवीपी को अध्यक्ष समेत मुख्य तीन सीटें गवानी पड़ी थी.