भोपाल।
कांग्रेस द्वारा अपने घोषणापत्र में मध्यप्रदेश में शाखा बैन की बात करने वाली कांग्रेस अब इसके चौतरफा विरोध को लेकर बैकफुट पर आ गई है इसी के चलते मचे बवाल के बीच पीसीसी चीफ कमलनाथ को सफाई देने को मजबूर होना पड़ा नाथ ने कहा है कि हमने कभी नही कहा कि आरएसएस बैन करेंगे। हमने स्पष्ठ कहा है कि शासकीय परिसरों में आरएसएस के शाखा लगाने पर प्रतिबंध लगाएंगे। नाथ ने कहा कि यह कोई पहले मौका नही है, इससे पहले भी ऐसा हुआ है, उमा भारती जब सीएम थी क्या तब यह लागू नही था। बाबू लाल जब सीएम थे तब भी यह लागू था। हमने वही बात दोहराई है जो केंद्र में लागू है। आरएसएस को पूरी छूट है, शाखाएं लगाने की लेकिन सरकारी स्थानों पर छोड़कर। हमें तो सुझाव आये थे कि आदिवासी होस्टल के बच्चों के उसके बाद हमने इसे अपने वचन पत्र में शामिल किया है।
नाथ ने आगे कहा कि हमें सुझाव आया था कि आदिवासी इलाकों में बच्चों को संघ में जबरदस्ती जोड़ा जाता है, इसपर बैन लगना चाहिए। शाखा बैन की आदिवासी इलाको के बच्चों ने मांग की थी। वचन पत्र में यह बिंदु गलती से नहीं, बल्कि सुझाव पर विचार करके जोड़ा गया है।भाजपा को राजनीति को इस मुद्दे दूर रखना चाहिए। कांग्रेस का लक्ष्य सिर्फ राजनीतिक से शासकीय कार्यालयों से दूर रखना है।