जयपुर: एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों का जो सिलसिला सोमवार को चला था वो अभी तक थमने का नाम नहीं ले रहा। अब राजस्थान के करौली में भीड़ ने दो नेताओं के घरों को निशाना बनाया है। भीड़ ने पूर्व भाजपा विधायक राजकुमारी जाटव और पूर्व राज्य मंत्री भरोसीलाल जाटव के घरों में आग लगा दी है। इस घटना के बाद इलाके में करफ्यू लगा दिया गया है। मौजूदा विधायक राजकुमारी जाटव भाजपा नेता हैं, जबकि पूर्व विधायक कांग्रेस के नेता हैं। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त इलाके में करीब 40 हजार लोग इक्ट्टा थे जिन्होंने कथित रूप से हमला बोला है।
दलित हिंसा के दौरान घायल हुए सब-इंस्पेक्टर की मौत
वहीं भारत बंद के दौरान शहर के पावटा चौराहे के पास कार्डियक अरेस्ट आने से नीचे गिरे उदयमंदिर थाने के एसआई महेंद्र चौधरी की मौत हो गई है। अापको बतां दे कि जोधपुर में प्रदर्शन के दौरान महेंद्र चौधरी पर हमला हुआ था । अहमदाबाद ले जाते समय हुई मौत।
एक दर्जन से ज्यादा लोगों की हुई मौत
आपको बतां दे कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में तत्काल गिरफ्तारी का प्रावधान हटाने के फैसले के विरोध में सोमवार दलितों के ‘भारत बंद’ के दौरान कई स्थानों पर हिंसक घटनाओं में एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए। देशभर में विभिन्न हिस्सों ने दलित समाज के कई संगठनों ने फैसले का विरोध करते हुए हिंसक प्रदर्शन किए। कई स्थानों पर तोड़ फोड़, आगजनी, यातायात जाम करने, रेल पटरियां उखाडऩे तथा पुलिस के साथ झड़पें की खबरें मिली है। कई शहरों में प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पडा। दलितों संगठनों के आयोजित किये गये भारत बंद से जनजीवन व्यापक रुप से प्रभावित रहा। कुछ स्थानों पर बाजार बंद रहे और वाहन नहीं चले।