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ग्वालियर में बच्चों को भी निशाना बना रहा है कोरोना अब तक 31 बच्चे हुए पॉसिटिव

कलेक्टर ने कोरोना को लेकर ली शहर के बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों की ली बैठक उनसे  कहा कठिन से कठिन परिस्थिति को ध्यान में रखकर बच्चों के इलाज का इंतजाम करें चिकित्सकों ने कहा डरने की नहीं सावधान रहने की जरूरत

ग्वालियर /कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों में भी संक्रमण सामने आ रहा है। अभी तक लगभग 31 बच्चे कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। जिनमें 9 वर्ष तक के सात बच्चे शामिल हैं। सुखद बात यह है कि किसी भी बच्चे में गंभीर लक्षण नहीं हैं, फिर भी पूरी एहतियात बरतने की जरूरत है। यह बात कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने शहर के बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों की बैठक में कही। उन्होंने कहा कि कोरोना की कठिन से कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर बच्चों के इलाज के लिए सभी निजी एवं सरकारी अस्पतालों में पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करें। साथ ही बच्चों का इलाज निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत हो। यह बात कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने शहर के बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों की बैठक में कही।
शुक्रवार को यहाँ स्मार्ट सिटी के कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर में आयोजित हुई बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों से चर्चा कर निजी एवं सरकारी अस्पतालों में बच्चों के लिए उपलब्ध सेवाओं की जानकारी ली। साथ ही सेवाओं को और बेहतर बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों में भी संक्रमण सामने आ रहा है। अभी तक लगभग 31 बच्चे कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। जिनमें 9 वर्ष तक के सात बच्चे शामिल हैं। सुखद बात यह है कि किसी भी बच्चे में गंभीर लक्षण नहीं हैं, फिर भी पूरी एहतियात बरतने की जरूरत है।
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बैठक में यह भी कहा कि शहर के बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ आपस में चर्चा कर कोरोना संक्रमित बच्चों के इलाज के लिये प्रोटोकॉल भी तय करें। श्री सिंह ने कहा कि शहर में बच्चों के इलाज के लिये एक स्पेशल कोविड केयर सेंटर स्थापित किया जाएगा। साथ ही एक अस्पताल को भी विशेष रूप से बच्चों के इलाज के लिये अधिकृत करेंगे, जिससे कोरोना संक्रमित बच्चों का बेहतर से बेहतर इलाज हो सके।
बैठक में बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों ने कहा कि बच्चों में कोरोना संक्रमण अभी चिंता का विषय नहीं है। फिर भी पूरी तरह सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने सलाह दी कि खासतौर पर बच्चों को घर में अपने दादा-दादी एवं बुजुर्गों से दूर रखें।
बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों की बैठक में शहर के विभिन्न अस्पतालों में बच्चों के लिये उपलब्ध आईसीयू एवं सामान्य बैड की जानकारी भी ली गई। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास श्री राजीव सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

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