HomeBreakingआखिर अनुभवी कमलनाथ बने मध्यप्रदेश के सरताज पिछड़ गए महाराज

आखिर अनुभवी कमलनाथ बने मध्यप्रदेश के सरताज पिछड़ गए महाराज

दो दिन के मंथन के बाद आखिरकार मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री का नाम तय हो गया है. अनुभवी कमलनाथ मध्य प्रदेश और अशोक गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री हो गए हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तरफ से दोनों के नाम पर मुहर लग चुकी है और सिर्फ औपचारिक ऐलान होना बाकी है.दोनों नेता भोपाल आ गए हैं अब किसी भी समय प्रेसवार्ता होगी।

कमलनाथ का नाम काफी समय से मुख्यमंत्री की रेस में आगे चल रहा था, लेकिन युवा ज्योतिरादित्य सिंधिया से उन्हें टक्कर मिल रही थी. लेकिन राहुल गांधी ने युवा शक्ति के बजाय अनुभव को तवज्जो देना ठीक समझा.

राजस्थान में गहलोत का राज

गौरतलब है कि राजस्थान में भी अब ये लगभग तय हो गया है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ही होंगे. लगातार चली बैठकों के दौर के बाद अशोक गहलोत का नाम तय किया गया है और सचिन पायलट के समर्थकों को मनाने की कोशिशें चल रही हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान की सत्ता युवा हाथों में ना देकर तजुर्बे को तवज्जो दी है.

कमलनाथ ही थे पहली पसंद

कमलनाथ मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष हैं, पिछले काफी समय से वह राज्य में कांग्रेस की जीत के लिए पिच तैयार कर रहे थे. 15 साल बाद कांग्रेस का वनवास कमलनाथ की अगुवाई में ही खत्म हो पाया है, हालांकि MP में कांग्रेस बहुमत से दो सीट दूर रही लेकिन सपा-बसपा ने इस चिंता को भी दूर कर दिया.

पिछड़ गए ‘महाराज’!

सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री की रेस में थे. सिंधिया कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी रहे हैं जिसका फायदा उन्हें मिलता हुआ दिख रहा था. हालांकि, अनुभव की कमी होना सिंधिया के खिलाफ जाता दिखा. महाराज के नाम से मशहूर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश के मुकाबले दिल्ली में अधिक काम किया है. शायद यही कारण रहा कि राहुल ने बतौर मुख्यमंत्री उन्हें नहीं चुना. साफ है कि राहुल गांधी की नजर अब 2019 पर है और वो कमलनाथ के अनुभव का फायदा लेना चाहते हैं.

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