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कालीचरण महाराज की गिरफ़्तारी को लेकर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार में ठनी

महात्मा गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले कालीचरण महाराज की गिरफ़्तारी को लेकर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार में ठन गई है.

मध्य प्रदेश सरकार ने जहाँ इस पर आपत्ति जताई है, वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने कहा है कि न्याय में देरी नहीं होनी चाहिए. रायपुर के एसपी प्रशांत अग्रवाल के अनुसार, “बागेश्वर धाम के पास एक व्यक्ति के घर से तड़के चार बजे कालीचरण की गिरफ़्तारी की गई. उसने पास में एक लॉज भी बुक करा रखा था.”

आरंभिक जाँच के बाद पुलिस ने कालीचरण महाराज के ख़िलाफ़ राजद्रोह की धाराएँ भी जोड़ दी हैं.

पुलिस के अनुसार कालीचरण महाराज की गिरफ़्तारी के लिए तीन टीमें अलग अलग राज्यों में भेजी गई थी. रायपुर ‘धर्म संसद’ का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें अकोला के कालीचरण महाराज मंच पर महात्मा गांधी को गाली देते दिख रहे थे.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र को ये बताना चाहिए कि महात्मा गांधी को गाली देने वाले की गिरफ़्तारी से वे ख़ुश हैं या दुखी.

उन्होंने कहा कि किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है और छत्तीसगढ़ की पुलिस ने प्रक्रिया के तहत ही गिरफ़्तारी की है.

छत्तीसगढ़ पुलिस ने दावा किया है कि विधिक तरीक़े से हुई है कालीचरण की गिरफ़्तारी. उन्हें 24 घंटे के भीतर न्यायालय में पेश किया जाएगा.

इधर छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कालीचरण की रिहाई की मांग की है.

गुरुवार सुबह कालीचरण महाराज को छत्तीसगढ़ पुलिस ने मध्य प्रदेश से गिरफ़्तार किया था. अब मध्य प्रदेश की सरकार ने उनकी गिरफ़्तारी के तरीक़े पर आपत्ति जताई है और कहा है कि छत्तीसगढ़ की पुलिस को इसकी सूचना देनी चाहिए थी.

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र ने कहा कि ये अंतरराज्यीय प्रोटोकॉल का उल्लंघन है और छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को ऐसा नहीं करना चाहिए था.

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “हमें छत्तीसगढ़ पुलिस के तरीक़े पर आपत्ति है. ये अंतरराज्यीय प्रोटोकॉल का उल्लंघन है. छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को इस प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं करना चाहिए था. संघीय मर्यादाएँ इसकी बिल्कुल अनुमति नहीं देती हैं. उन्हें सूचना देनी चाहिए थी. छत्तीसगढ़ सरकार चाहती तो उनको नोटिस देकर भी बुला सकती थी.”

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र ने कहा कि उन्होंने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को कहा है कि वो तत्काल छत्तीसगढ़ के डीजीपी से बात करके अपना विरोध दर्ज कराएँ और स्पष्टीकरण भी लें. दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि न्याय में इतना विलंब नहीं होना चाहिए कि वो अन्याय लगने लगे।

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