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कोरोना काल में दिवंगत 108 लोगों की आत्मा की शांति के लिए हिन्दू महासभा ने किया पितृ शांति यज्ञ

108 अस्थि कलशों के गंगा विसर्जन की स्मृति में किया आयोजन
ग्वालियर, 27 सितंबर 2026/ कोरोना काल में दिवंगत हुए लोगों की आत्मा की शांति एवं पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के उद्देश्य से अखिल भारत हिन्दू महासभा जिला ग्वालियर के तत्वावधान में रविवार को हिन्दू महासभा भवन, दौलतगंज में पितृ शांति यज्ञ का आयोजन किया गया।
हिन्दू महासभा के अनुसार कोरोना काल में संगठन द्वारा 108 अस्थि कलशों को गंगा जी में विसर्जित किया गया था। इसी स्थान पर पूर्व में पंडित गिरिराज गुरुजी द्वारा गरुड़ पुराण पाठ के साथ शांति हवन भी कराया गया था। उसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए आज कोरोना काल में दिवंगत 108 लोगों के साथ-साथ हिन्दू महासभा से जुड़े करीब 125 दिवंगत कार्यकर्ताओं एवं सदस्यों की आत्मा की शांति के लिए पितृ शांति यज्ञ किया गया।
यज्ञ का आयोजन पंडित गिरिराज गुरुजी एवं पंडित ब्रह्मदत्त पाण्डेय शास्त्री के मुख्य आचार्यत्व में हुआ। कार्यक्रम में अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. जयवीर भारद्वाज एवं कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रामबाबू सेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
यज्ञ में श्रीमती शोभा चंद्रशेखर दंडवते, श्रीमती अनीता योगेंद्र दीक्षित, रोहित जाटव, देवेंद्र कुमार पाठक, अजय शुक्ला, पवन गुप्ता एवं प्रवीण अष्ठाना सहित यजमानों ने 108 आहुतियां अर्पित कर दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की।
पितृपक्ष में पितरों का स्मरण आवश्यक : पंडित गिरिराज गुरुजी
मुख्य आचार्य पंडित गिरिराज गुरुजी ने पितृपक्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन परंपरा में मनुष्य के जीवन में देव ऋण, पितृ ऋण और अतिथि ऋण का विशेष महत्व माना गया है। उन्होंने कहा कि जिन पूर्वजों के कारण हमें यह शरीर और जीवन प्राप्त हुआ, उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना तथा उनकी शांति के लिए श्राद्ध एवं तर्पण करना हमारी परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि गृहस्थ जीवन में देव कार्य, पितृ कार्य और अतिथि सत्कार को महत्व दिया गया है। पितरों का विधि-विधान से श्राद्ध करने तथा अतिथियों का सम्मान और सेवा करने की परंपरा सनातन संस्कृति की प्राचीन परंपरा है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए पितृ शांति यज्ञ का आयोजन किया गया है।
सामाजिक समरसता के साथ प्रसाद वितरण
यज्ञ के समापन के बाद डॉ. जयवीर भारद्वाज एवं रामबाबू सेन ने सामाजिक समरसता के संकल्प के साथ खीर, पूड़ी एवं सब्जी का प्रसाद वितरित किया। कार्यक्रम में हिन्दू महासभा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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