राजस्थान व उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर अंचल के कई जिलों में ठंड का असर बढ़ा दिया है। शनिवार व रविवार की दरम्यानी रात ग्वालियर में पारा 1.8 डिग्री सेल्सियस जा पहुंचा दतिया, नोगांव का भी यही हाल रहा। भीषण ठंड का आलम इस बात से लगाया जा सकता है कि रविवार की भोर में पेड़ों पर जमी ओस बर्फ जैसी जमी दिखाई दी।

लोग सर्दी के कारण बेहाल नजर आ रहे हैं। सर्दी का असर बाजारों में भी देखने को मिल रहा है हालांकि रविवार होने की वजह से सड़कों पर रोज जैसी आवाजाही दिखाई नहीं दे रही है । राहतभरी बात यह है कि धूप पूरी तरह खिली है बावजूद इसके सुबह से ही सर्द हवाएं चल रही हैं। इससे लोग ठिठुरते दिखाई दे रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट होने की बात कही है। उत्तर के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फवारी के कारण बदले मौसम की वजह से रात के तापमान में अब तेजी से गिरावट होने की बात वैज्ञानिक कह रहे हैं। इसी वजह से मध्यप्रदेश के ग्वालियर अंचल सहित नोगांव पचमढ़िया-उमरिया में न्यूनतम पारा 2 डिग्री दर्ज हुआ। भोपाल, सागर समेत 15 शहरों में शीतलहलर और अति शीतलहर का प्रकोप दर्ज किया गया है।
उधर ग्वालियर अंचल में भीषण शीत लहर का असर रेल पटरियों पर भी देखने को मिल रहा है दतिया में इटावा से भिंड, ग्वालियर, डबरा होते हुए झांसी जा रही इटावा-झांसी लिंक एक्सप्रेस शनिवार को ड्राइवर की सतर्कता से हादसे का शिकार होने से बची। सोनागिर-दतिया के बीच रेलवे ट्रैक ठंड से टूट गई और इसमें दो इंच का गैप हो गया। ट्रेन का इंजन जैसे ही पटरी से गुजरा तो अचानक तेज आवाज आई। ड्राइवर ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए। इसके बाद इंजीनियरों ने ट्रेन के बीचों-बीच पटरी के फ्रेक्चर को दो जॉइंट लगाकर ठीक किया।