निगम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर के अनेक स्थानों पर कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं तो दूसरी ओर नगर निगम के कर्मचारियों की हडताल से ठप नगर निगम अब एक्शन मोड में है। कई बार मनुहार के बाद भी हडताली कर्मचारियों के न मानने पर बर्खास्त-निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी गई। मंगलवार को आउटसोर्स के छह कर्मचारियों को हटाकर कंपनी सेवाएं वापिस कर दी गईं। विनियमित पांच कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया जिन्हें अब कहीं नौकरी नहीं मिलेगी। वहीं निगम के दो सफाई कर्मियों को निलंबित कर दिया गया। इधर एक के बाद एक आदेश निकल रहे थे,उधर हडतालियों से काम पर वापस आने की बात भी चल रही थी। हडताली कर्मचारियों ने मंगलवार को भी सफाई का काम रोका और कई जगह बाइक पर ले जाकर कचरा फैलाया। प्रभारी कमिश्नर आशीष तिवारी ने पुलिस फोर्स लगवाई और निगरानी में कई वाहनों से कार्य कराया। शाम को कलेक्टर और निगम अफसरों ने सांसद विवेक शेजवलकर के साथ बैठक की और भोपाल पूरी स्थिति से अवगत कराया।
ये किये बर्खास्त व निलंबित इनकी हुई सेवाएं वापस
प्रशासन की सख्ती का आलम यह रहा कि निरंकार पुत्र पातीराम, राजू पुत्र रामपाल को निलंबित कर दिया गया वहीं नगर निगम ने राज सिक्योरिटी के माध्यम से लगे आउटसोर्स कर्मी रवि पारछे, सुधीर डागौर, किरण प्याल, संजय सरैया, पंकज राजपूत और सुधा सोनवाल की सेवाएं वापिस कर दीं। उधर विनियमित कर्मचारी विक्रम बागडे, रिंकू, विजय डागौर, मोहर सिंह, सक्षम शर्मा को बर्खास्त किया गया है। आदेश में लिखा है कि इन्हें कहीं निजी या शासकीय संस्थान में नौकरी की पात्रता नहीं होगी।
प्रशासन की सख्ती देख मचा हड़कंप
सेवाएं वापिस और बर्खास्ती के आदेश निकलते ही कुछ हडताली कर्मचारी डर गए। पंकज राजपूत ने शाम को कलेक्ट्रेट पहुंचकर लिखकर दिया कि मेरा हडताल से कोई लेना देना नहीं है। पंकज की सेवाएं अब वापिस कर दी जाएंगी। इसी तरह सतेंद्र सिंह ने अपर कमिश्नर मुकुल गुप्ता को लिखकर दिया कि हडताल से उसका लेना देना नहीं है।
पुलिस को करना पड़ी मशक्कत
नगर निगम की हडताल के कारण शहर में कचरा कचरा जैसे हाल हैं। ऐसे में मंगलवार को प्रभारी निगमायुक्त आशीष तिवारी ने काम पटरी पर लाने के मकसद स्थाई कर्मचारियों को लगाकर कचरा वाहन निकलवाए। पूर्व विधानसभा में कुछ जगह वाहनों को रोकने का प्रयास हुआ तो फोर्स भेजा गया। बाल भवन सहित कई स्थानों पर हडताली कर्मचारियों ने बाइक के जरिए कचरा फिंकवाया।
चेतावनी,काम बंद,हडताल: पहले सध जाता मामला
हडताल करने वाले कर्मचारियों ने दो अगस्त से विरोध शुरू किया है। इसके बाद 12 अगस्त से काम बंद करने की घोषणा की थी। निगम अफसरों के 15 अगस्त के आग्रह पर कर्मचारी रूक गए फिर 16 अगस्त से हडताल कर दी। पहले ही अगर बात कर ली जाती तो यह हालात नहीं बनते।