Homeदेशमध्यप्रदेश की पत्रकारिता को बड़ा आघात राष्ट्रवादी पत्रकार मुज्जफर हुसैन नहीं रहे

मध्यप्रदेश की पत्रकारिता को बड़ा आघात राष्ट्रवादी पत्रकार मुज्जफर हुसैन नहीं रहे

मध्यप्रदेश की पत्रिकारिता को आज उस समय गहरा आघात पहुंचा जब यहां की माटी में जन्में एक देशभक्त मेधावी पत्रकार मुज्जफर हुसेन को उसने खो दिया।
जानेमाने चिंतक, लेखक और पत्रकार मुजफ्फर हुसैन का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार को निधन हो गया। वह 78 साल के थे। परिवार में मौजूद सूत्रों ने बताया कि हुसैन ने हीरानंदानी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उन्हें 30 जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया था।
 उन्हें बुधवार को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। हिंदुत्व समर्थक लेखक हुसैन की आरएसएस ने भी प्रशंसा की थी।  मध्यप्रदेश में 20 मार्च 1940 को पैदा हुए हुसैन अपनी जवानी में मुंबई आए और जल्द ही कई भाषाओं में कुशल बन गए। अपने शानदार कॅरियर में, उन्होंने साहित्य में कई राज्य और राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार जीते। 2002 में पद्मश्री के अलावा उन्हें 2014 में महाराष्ट्र सरकार द्वारा पत्रकारिता के लिए लोकमान्य तिलक जीवन गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कई भाषाओं में प्रवीणता हासिल करने वाले हुसैन विभिन्न भाषाओं में कई पत्रिकाओं के लिए और कई स्थानीय दैनिक समाचार पत्रों के लिए भी लिखते थे। उन्होंने कई किताबें लिखी, जिसमें उन्होंने इस्लामी परंपराओं पर सवाल उठाए। आरएसएस के कोंकण प्रणव के प्रमुख प्रमोद बापट ने हुसैन के निधन पर शोक व्यक्त किया।
बापट ने बताया कि हुसैन हमेशा लोगों के दिल में अपने प्रगतिशील और विचारशील लेखन और सोच के लिए जीवित रहेंगे। वह निडर लेखक थे और उनकी रचनात्मकता हमेशा याद रखी जाएगी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने भी संवेदना व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ‘पद्मश्री मुजफ्फर हुसैन जी के निधन के बारे में जानने के लिए दुःख हुआ। हम एक उत्साही राष्ट्रवादी, प्रसिद्ध स्तंभकार और एक बहुत अच्छे दोस्त खो गए। मेरे परिवार, दोस्तों और अनुयायियों के लिए मेरी सबसे गहरी संवेदना है।’
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