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कृषि विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक व शोध उपाधि सहित कुल 642 विद्यार्थियों को मिली उपाधियाँ

कृषि शिक्षा की सार्थकता तभी जब सीमांत किसान परिवारों में खुशहाली आए – राज्यपाल श्री पटेल

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल की अध्यक्षता एवं कृषि मंत्री श्री कमल पटेल के मुख्य आतिथ्य में राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय का आठवाँ दीक्षांत समारोह आयोजित

स्वर्ण पदक व शोध उपाधि सहित कुल 642 विद्यार्थियों को मिली उपाधियाँ

ग्वालियर 12 अक्टूबर 2022/ राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि कृषि विद्यार्थी अपने एवं अपने परिवार के साथ सम्पूर्ण समाज के कल्याण में योगदान दें। कृषि शिक्षा की सार्थकता तब है जब इसका फल किसानों को मिले और सीमांत किसान परिवारों में खुशहाली आए। इसी सोच के साथ कृषि विद्यार्थी जीवन पथ पर आगे बढ़ें। राज्यपाल श्री पटेल बुधवार को राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के आठवे दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उपाधियाँ प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से कहा कि आप सब कितनी भी ऊँचाईयाँ छुएँ परंतु कभी भी अपने माता-पिता, गुरू और मातृ भूमि को नहीं भूलें। जीवन में ऐसा कोई भी काम न करें, जिससे भारत माता पर लांछन लगे।
यहाँ कृषि विश्वविद्याल के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल की अध्यक्षता एवं प्रदेश के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री कमल पटेल के मुख्य आतिथ्य में दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। समारोह में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भारत सिंह कुशवाह, विधायक श्री वीरेन्द्र रघुवंशी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक डॉ. आर सी अग्रवाल, कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस के राव एवं विश्वविद्यालय प्रबंध प्रमंडल के सदस्यगण मंचासीन थे।
समारोह में चार विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, 14 विद्यार्थियों को शोध उपाधियाँ (पीएचडी) सहित 321 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर व 303 विद्यार्थियों को स्नातक उपाधियाँ प्रदान की गईं। इसके अलावा तीन विद्यार्थियों को सिरताज बहादुर सिन्हा स्मृति नगद पुरस्कार प्रदान किए गए।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने उपाधियाँ प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनायें देते हुए भरोसा जताया कि आप सब खेती को समावेशी, व्यापक और अधिक टिकाऊ बनाने में पूरे उत्साह के साथ योगदान देंगे। कृषि विद्यार्थियों के प्रयास ऐसे हों, जिससे देश में कृषि व्यापार का ऐसा वातावरण बने जो किसानों के लिये लाभकारी हो। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन्नत कृषि तकनीक को बढ़ावा देने के लिये प्रभावी कदम उठाए हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने जैविक खेती अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को उपयुक्त तकनीक और खेती के नए-नए तरीकों में पारंगत करने की जरूरत है। साथ ही यह भी प्रयास करने होंगे कि किसान कृषि उद्यमी के रूप में आगे बढ़ें। राज्यपाल श्री पटेल ने इस अवसर पर राजमाता स्व. विजयाराजे सिंधिया का स्मरण कर राजमाता द्वारा समाज की भलाई के लिए किए गए कार्यों को रेखांकित किया।
कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री कमल पटेल ने कृषि विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि सफलता से सार्थकता अधिक महत्वपूर्ण हैं। कृषि की पढ़ाई की सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब आपकी कृषि विशेषज्ञता का लाभ किसानों को मिलेगा। उन्होंने किसानों के कल्याण के लिये सरकार द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों व योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि व कृषि अधोसंरचना विकास फंड से किसानों को बड़ी मदद मिल रही है। कृषि मंत्री श्री पटेल ने सर्वोच्च प्रदर्शन करने वाले कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के विद्यार्थियों को अपनी ओर से 10 – 10 हजा रूपए का नगद पुरस्कार देने की घोषणा भी इस अवसर पर की।
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भारत सिंह कुशवाह ने उपाधियाँ प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनायें दीं। साथ ही भरोसा जताया कि कृषि विद्यार्थी वैज्ञानिक तरीके से कृषि उत्पादन बढ़ाने में अपना योगदान देंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुरोध किया कि वे जलवायु परिवर्तन पर ध्यान देकर ऐसी कृषि तकनीकें खोजें जिससे सूखे व अतिवर्षा की स्थिति में भी किसानों को अच्छा उत्पादन मिल सके। श्री कुशवाह ने इस अवसर पर कहा कि किसानों की खुशहाली के लिए उद्यानिकी फसलों को अपनाने की जरूरत है। सरकार द्वारा उद्यानिकी फसलों के लिये बड़ा अनुदान दिया जायेगा। कृषि विद्यार्थी किसानों को उद्यानिकी अपनाने के लिये प्रेरित करें।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक (कृषि शिक्षा) डॉ. आर सी अग्रवाल ने दीक्षोपदेश दिया। उन्होंने कहा सरकार एवं कृषि विश्वविद्यालयों का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा कृषि विद्यार्थी स्वरोजगार पाने में सफल हों। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में छात्राओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। डॉ. अग्रवाल ने यह भी कहा कि हमारे देश में खेती के लिये कई प्रकार की मिट्टियाँ पाई जाती हैं। कृषि विद्यार्थी इन मिट्टियों के अनुसार फसलों को बढ़ावा देकर देश की कृषि को ऊँचाईयों तक पहुँचाने में अपना योगदान दें।
आरंभ में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल सहित सभी अतिथि शोभा यात्रा के साथ सभागार में पहुँचे। दीक्षांत समारोह का शुभारंभ एवं समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। समारोह की शुरूआत में विश्वविद्यालय के कुलगीत की प्रस्तुति हुई। समारोह के आरंभ में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस के राव ने स्वागत उदबोधन दिया और विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। संचालन विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता श्री एन एस भदौरिया ने किया। समारोह में राजा मान सिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. साहित्य कुमार नाहर, जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अविनाश तिवारी एवं कृषि विश्वविद्यालय के डीन डॉ. दीपक हरि रानाडे मौजूद थे।

विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया

दीक्षांत समारोह में शामिल होने आए राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल एवं उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भारत सिंह कुशवाह सहित अन्य अतिथियों ने कृषि विश्वविद्यालय के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। जिनमें जैविक कपास उत्कृष्ट अनुसंधान केन्द्र भवन खंडवा आगर मालवा तथा मनावर धार व अलीराजपुर के कृषि विज्ञान केन्द्रों में नवनिर्मत प्रशासनिक व कृषक भवन सहित अनुसूचित जाति-जनजाति कौशल विकास केन्द्र मंदसौर का लोकार्पण शामिल है।

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