जीने को हमको मिले यद्यपि दिन दो-चार
जिएँ मगर हम इस तरह हर दिन बनें हजार
इस प्रेरक कविता के रचयिता हैं प्रसिद्ध कवि गोपालदास नीरज, आज वे हम सभी को अलविदा कह गए सही अर्थों में नीरजजी ने अपनी काव्य प्रतिभा से अपने जीवन के हर दिन को यादगार बना दिया shabdshaktinews.inकी ओर से नीरजजी को सादर श्रद्धांजलि
कवि गोपालदास नीरज का निधन हो गया है। वो पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। बुधवार की शाम को तबियत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें आगरा से दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां उन्हें ट्रामा सेंटर के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। गौरतलब है कि 93 साल के महाकवि नीरज आगरा के बल्केश्वर में रहने वाली बेटी कुंदनिका शर्मा के घर आए थे। यहां मंगलवार को सुबह के नाश्ते के बाद तबीयत बिगड़ गई थी।
उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई। इसके बाद उन्हें दीवानी कचहरी के पास स्थित लोटस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। यहां उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था। फेफड़ों में संक्रमण से बढ़ती तकलीफ ज्यादा बढ़ने से उन्हें सांस लेने में परेशानी होनी लगी थी। बुधवार को डाक्टरों ने नली डालकर 800 ग्राम मवाद बाहर निकाला था।