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चीन के सरकारी अखबार ने लिखा चीनी उत्पादों के बहिष्कार की हैसियत नहीं भारत की व्यापारियों ने कहा मुंहतोड़ जवाब देंगे

नई दिल्ली /चीन की सरकार के मुखपत्र के रूप में मशहूर अखबार ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित उस लेख पर देश के छोटे व्यापारियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें कहा गया है कि भारत के पास चीनी उत्पादों के बहिष्कार की हैसियत नहीं है। छोटे कारोबारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने कहा है कि चीनी अखबार की चुनौती स्वीकार है और देश के व्यापारी एवं नागरिक मिलकर इस बहिष्कार को सफल कर के दिखाएंगे।
भारतीय सामान हमारा अभियान
कैट ने कहा है कि चीनी अखबार ने हिंदुस्तान के स्वाभिमान को ललकारा है जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और चीनी अखबार को इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। कैट ने यह भी कहा कि 10 जून से शुरू होने वाले ‘भारतीय सामान – हमारा अभियान’ को और अधिक तीव्रता के साथ देश भर में चलाया जाएगा। ‘भारतीय सामान – हमारा अभियान’ कैट का चीनी उत्पादों के बहिष्कार का राष्ट्रीय अभियान है।

लोकल पर वोकल
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल पर वोकल’ के सशक्त आह्वान को मिल रहे जबरदस्त समर्थन से चीनी बौखला गए हैं। अब उसे भारत का रिटेल बाजार अपने हाथ से निकालता नजर आ रहा है और इसीलिए चीनी अखबार ने इस तरह की उपटपटांग टिप्पणी की है। इसका माकूल जवाब देश के व्यापारी और नागरिक मिल कर देंगे।

यह संभव है
कैट के मुताबिक, ग्लोबल टाइम्स ने प्रकाशित लेख में यह भी कहा है कि चीनी सामान का इस्तेमाल भारतीयों की आदत में शामिल हो गया है और इसका बहिष्कार करना बिल्कुल संभव नहीं है। ऐसा कहकर चीनी अखबार ने भारत के व्यापारियों की शक्ति को नजरअंदाज किया है। अखबार यह भूल गया है कि हिंदुस्तानी जिसे चढ़ाना जानते हैं उसे उतारना भी उन्हें आता है। अब चीन सहित सारी दुनिया देखेगी कि किस प्रकार भारत में चीनी उत्पादों का बहिष्कार होता है और केवल डेढ़ वर्ष में यानी दिसंबर 2021 तक चीन से 1 लाख करोड़ रुपये का आयात कैसे कम होता है।

सभी वर्गों को जोड़ा जाएगा
खंडेलवाल ने कहा है कि कैट अपने इस अभियान में भारतीय अर्थव्यवस्था के अन्य समहूों किसान, ट्रांसपोर्ट, लघु उद्योग, उद्योग, हॉकर्स, उपभोक्ता सहित अन्य स्वदेशी संगठनों का साथ लेगा।

 

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